नई दिल्ली। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने रविवार को शीर्ष परिषद की बैठक के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला। इस बैठक में एक अहम फैसला करते हुए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) दीपक वर्मा को लोकपाल पद से हटाकर न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) बदर दुरेज अहमद को फिर से इस पद नियुक्त कर दिया।
न्यायमूर्ति वर्मा हैदराबाद क्रिकेट संघ (एचसीए) के भी लोकपाल हैं और शीर्ष परिषद का मानना है कि एक व्यक्ति दो अलग-अलग राज्य संघों में एक ही पद नहीं संभाल सकता है। बैठक में तीन सरकारी नामितों सहित 11 सदस्यों ने हिस्सा लिया और सर्वसम्मति से न्यायमूर्ति अहमद को फिर लोकपाल पद पर नियुक्त करने का फैसला किया गया।
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शीर्ष परिषद के एक सदस्य ने कहा, यह फैसला (लोकपाल बदलने का) सर्वसम्मति से किया गया। वह अपने सभी फैसले शीर्ष परिषद से परामर्श किए बिना मनमाने तरीके से कर रहे थे। कानूनी शुल्क करोड़ों रुपये चल रहा था और कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा रहा था।
उन्होंने कहा, हमने न्यायमूर्ति बदर दुरेज अहमद को नियुक्त किया है। उन्होंने अपनी सहमति दे दी है। इस फैसले को अगली आम सभा (एजीएम) में मंजूरी दी जाएगी। यह भी पता चला है कि सौरभ चड्डा को डीडीसीए का कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया है।
कोरोना की वजह से बंद किया गया था डीडीसीए का ऑफिस
गौरतलब है कि डीडीसीए के एक सदस्य को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था जिसके बाद अरुण जेटली स्टेडियम के ऑफिस को तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया था। ऑफिस को अगले आदेश तक बंद करने का आदेश दिया गया था और दोबारा इसके खोले जाने पर टेस्ट में नेगेटिव पाए जाने वाले कर्मचारियों को ही काम पर लौटने की बात कही गई थी। इतना ही नहीं कोरोना पॉजिटिव पाए गए कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।



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