नूंह: नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई-बड़ोदरा एक्सप्रेसवे पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण तथा अवैध ढाबों के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा अभियान शुरू किया है। पिछले दो दिनों से लगातार चल रही इस प्रशासनिक कार्रवाई के तहत एक्सप्रेसवे के किनारे अवैध रूप से बने ढाबों, होटलों, पंचर की दुकानों और अस्थायी ढांचों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि इन अवैध निर्माणों के कारण वाहन चालक मुख्य सड़क के किनारे ही गाड़ियां रोक देते हैं, जिससे होने वाली अवैध पार्किंग हादसों का सबसे बड़ा कारण बन रही है।
👮 भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई: नूंह सदर से फिरोजपुर झिरका तक हटाया गया अवैध कब्जा, कटे चालान
यह विशेष अभियान गुरुवार से नूंह सदर थाना क्षेत्र से शुरू किया गया था, जिसके बाद इसे आगे बढ़ाते हुए रोजका मेव, पिनंगवां, नगीना और फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्रों तक ले जाया गया। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन भारी पुलिस बल की मुस्तैदी के कारण प्रशासन ने बिना रुके अतिक्रमण हटाने का काम जारी रखा। अब तक दो दर्जन से अधिक अवैध ढाबों और अस्थायी निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त किया जा चुका है। फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में एसडीएम की मौजूदगी में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान एक्सप्रेसवे पर नंबर प्लेट छिपाकर या गलत तरीके से चलने वाले वाहनों के भारी चालान भी काटे गए।
🚨 एसपी डॉ. अर्पित जैन करेंगे संयुक्त निरीक्षण: केएमपी और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था होगी और कड़ी
नूंह पुलिस प्रवक्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर वाहन बेहद तेज गति से चलते हैं, ऐसे में सड़क किनारे अवैध गतिविधियों के कारण कई बार बड़े और दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ही इन दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह बन रहे हैं, इसलिए प्रशासन यह सख्त कदम उठा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि जल्द ही नूंह के एसपी डॉ. अर्पित जैन के नेतृत्व में केएमपी (KMP) और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा संयुक्त निरीक्षण अभियान भी चलाया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी और एक्सप्रेसवे के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और तेज होगी।
⚠️ केएमपी हादसे से लिया सबक: यूपी पुलिस के जवानों की मौत के बाद जागा प्रशासन, दी गई अंतिम चेतावनी
आपको बता दें कि हाल ही में कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश पुलिस के चार जवानों सहित पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस मामले की प्रारंभिक जांच में भी सड़क किनारे की गई अवैध पार्किंग को ही हादसे की सबसे बड़ी वजह माना गया था। इसी गंभीर घटना से सबक लेते हुए प्रशासन ने अब दोनों एक्सप्रेसवे पर अवैध ढाबों और अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। जिला प्रशासन ने सख्त लहजे में अंतिम चेतावनी दी है कि एक्सप्रेसवे किनारे अवैध रूप से बनाए गए ढांचे लोग स्वयं हटा लें, अन्यथा आने वाले दिनों में भी बुलडोजर की यह कार्रवाई इसी तरह लगातार जारी रहेगी।
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