दुर्ग: केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के बैनर तले गुरुवार को आदिवासी समाज ने कलेक्ट्रेट घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया. समाज के हजारों लोग दोपहर बाद शहर पहुंचे और पटेल चौक पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. गोंड समाज के प्रदर्शन के चलते पटेल चौक समेत आसपास के प्रमुख मार्गों पर करीब तीन घंटे तक लंबा जाम लगा रहा. शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई और लोगों को वैकल्पिक रास्तों से होकर गुजरना पड़ा. समाज के नेताओं के मुताबिक प्रदर्शन का कारण केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के प्रधान कार्यालय और कचना धुरवा देवालय में लगी तालाबंदी है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में भवन को बंद कराया और निर्वाचित पदाधिकारियों को जिम्मेदारी नहीं सौंपी. गोंड समाज के सदस्य तारकेश्वर सिंह मरकाम ने बताया कि 12 अक्टूबर 2025 को हुए केंद्रीय गोंड महासभा चुनाव में कमलेश सोरी विजय हुए और एमडी ठाकुर पराजित हुए. लेकिन चुनाव जीतने के बाद भी पुराने अध्यक्ष कमलेश सोरी को उनका अधिकार नहीं दे रहे हैं. चुनाव को लेकर विवाद के बाद मामला फर्म्स एवं सोसायटी विभाग तक पहुंचा, लेकिन 8 मार्च 2026 को आयोजित विशेष सभा में चुनाव परिणाम को वैध मानते हुए नई कार्यकारिणी को वर्ष 2030 तक मान्यता दे दी गई. इसके बावजूद समाज को भवन का कब्जा नहीं सौंपा गया. कचना धुरवा भवन में ताला लगा दिया गया है. धमधागढ़ में भी ताला लगा दिया गया है -तारकेश्वर सिंह मरकाम
प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने पूर्व पदाधिकारियों पर संस्था का हिसाब-किताब नहीं देने का आरोप लगाया. वहीं प्रशासन पर भी एक पक्ष की बात सुनने का आरोप लगाया गया. स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. शाम करीब 7 बजे समाज के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर और एसपी से मुलाकात की. चर्चा के बाद प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर भवन का ताला खोलने और समाज को उपयोग की अनुमति देने का आश्वासन दिया. इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया. हम तो जीते हुए है जीतने वाले लोग पराजित लोगों के बारे में क्यों बात करेगा. वो समाज का हिस्सा है. पावर दिखता नहीं है वो दिखाया जाता है, जो आज हमने दिखाया है-कमलेश ध्रुव, अध्यक्ष, केंद्रीय गोंड महासभा
एसडीएम उत्तम ध्रुव ने बताया कि केंद्रीय गोंड़ महासभा धमधागढ़ के निर्वाचन और समिति विवाद को लेकर मामला लंबित था, इसलिए भवन बंद रखा गया था. समाज की मांग पर विचार करने के बाद प्रशासन ने भवन खोलने का निर्णय लिया है.गोंड समाज के धरने से 3 घंटे तक जाम
धमधागढ़ भवन और कचना धुरवा देवालय बंद करने से आक्रोश
पूर्व पदाधिकारियों पर समाज के लोगों का आरोप
भवन का ताला खोलने के आश्वासन के बाद गोंड समाज ने खत्म किया प्रदर्शन
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दुर्ग: केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के बैनर तले गुरुवार को आदिवासी समाज ने कलेक्ट्रेट घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया. समाज के हजारों लोग दोपहर बाद शहर पहुंचे और पटेल चौक पर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.
गोंड समाज के धरने से 3 घंटे तक जाम
गोंड समाज के प्रदर्शन के चलते पटेल चौक समेत आसपास के प्रमुख मार्गों पर करीब तीन घंटे तक लंबा जाम लगा रहा. शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई और लोगों को वैकल्पिक रास्तों से होकर गुजरना पड़ा.
धमधागढ़ भवन और कचना धुरवा देवालय बंद करने से आक्रोश
समाज के नेताओं के मुताबिक प्रदर्शन का कारण केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के प्रधान कार्यालय और कचना धुरवा देवालय में लगी तालाबंदी है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में भवन को बंद कराया और निर्वाचित पदाधिकारियों को जिम्मेदारी नहीं सौंपी.
पूर्व पदाधिकारियों पर समाज के लोगों का आरोप
गोंड समाज के सदस्य तारकेश्वर सिंह मरकाम ने बताया कि 12 अक्टूबर 2025 को हुए केंद्रीय गोंड महासभा चुनाव में कमलेश सोरी विजय हुए और एमडी ठाकुर पराजित हुए. लेकिन चुनाव जीतने के बाद भी पुराने अध्यक्ष कमलेश सोरी को उनका अधिकार नहीं दे रहे हैं. चुनाव को लेकर विवाद के बाद मामला फर्म्स एवं सोसायटी विभाग तक पहुंचा, लेकिन 8 मार्च 2026 को आयोजित विशेष सभा में चुनाव परिणाम को वैध मानते हुए नई कार्यकारिणी को वर्ष 2030 तक मान्यता दे दी गई. इसके बावजूद समाज को भवन का कब्जा नहीं सौंपा गया.
कचना धुरवा भवन में ताला लगा दिया गया है. धमधागढ़ में भी ताला लगा दिया गया है -तारकेश्वर सिंह मरकाम
प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने पूर्व पदाधिकारियों पर संस्था का हिसाब-किताब नहीं देने का आरोप लगाया. वहीं प्रशासन पर भी एक पक्ष की बात सुनने का आरोप लगाया गया.
भवन का ताला खोलने के आश्वासन के बाद गोंड समाज ने खत्म किया प्रदर्शन
स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. शाम करीब 7 बजे समाज के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर और एसपी से मुलाकात की. चर्चा के बाद प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर भवन का ताला खोलने और समाज को उपयोग की अनुमति देने का आश्वासन दिया. इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया.
हम तो जीते हुए है जीतने वाले लोग पराजित लोगों के बारे में क्यों बात करेगा. वो समाज का हिस्सा है. पावर दिखता नहीं है वो दिखाया जाता है, जो आज हमने दिखाया है-कमलेश ध्रुव, अध्यक्ष, केंद्रीय गोंड महासभा
एसडीएम उत्तम ध्रुव ने बताया कि केंद्रीय गोंड़ महासभा धमधागढ़ के निर्वाचन और समिति विवाद को लेकर मामला लंबित था, इसलिए भवन बंद रखा गया था. समाज की मांग पर विचार करने के बाद प्रशासन ने भवन खोलने का निर्णय लिया है.


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