दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र स्थित आर्य नगर से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक ही घर के भीतर परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस के हाथ दो महत्वपूर्ण सुसाइड नोट लगे हैं, जिसने पूरे हत्याकांड का राज खोल दिया है। गौरतलब है कि 22 मई को घर के एक बंद कमरे से परिवार के 4 लोगों की लाशें बरामद हुई थीं। घटना के वक्त पति-पत्नी के शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटके मिले थे, जबकि उनके दो मासूम बच्चों के शव बिस्तर पर बेसुध पड़े थे। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में गहरे पारिवारिक विवाद और वैवाहिक जीवन में मचे कलह का दर्दनाक जिक्र है। शुरुआती जांच और नोट के आधार पर यह बात सामने आई है कि पहले दोनों बच्चों की बेरहमी से हत्या की गई और उसके बाद दंपती ने खुद अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। दरअसल, स्थानीय पुलिस को घटनास्थल की बारीकी से जांच के दौरान दो अलग-अलग सुसाइड नोट बरामद हुए हैं। इन दोनों ही नोटों में पारिवारिक कलह, रोज-रोज के झगड़ों और अपनी शादीशुदा जिंदगी से बुरी तरह तंग आकर यह आत्मघाती कदम उठाने की बात लिखी गई है। सुसाइड नोट में 40 वर्षीय मृतका चंचल साहू ने अपने पति पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर (गैर-मर्द या महिला से अवैध संबंध) का गंभीर आरोप लगाया है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक पति-पत्नी ने कुछ साल पहले अपने-अपने परिवारों की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह (लव मैरिज) किया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों के बीच दूरियां और शक इस कदर बढ़ गया कि इसका अंत इस खौफनाक त्रासदी के रूप में हुआ। सुसाइड नोट से जो बातें छनकर सामने आ रही हैं, वे किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकती हैं। नोट के अनुसार, खौफनाक योजना के तहत पहले दोनों मासूम बच्चों को जबरन शराब पिलाई गई। इसके बाद उन्हें बेसुध करने के लिए नींद का एक हाई-डोज इंजेक्शन लगाया गया। जब आरोपियों को लगा कि इंजेक्शन के बाद भी बच्चों की मौत पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो पाई है, तो उन्होंने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए रस्सी से दोनों का गला घोंटकर उन्हें हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया। इसके बाद पति को भी अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई गई थी। फॉरेंसिक टीम को महिला के चेहरे पर चोट और थप्पड़ के गहरे निशान मिले हैं, जिससे पुलिस को यह प्रबल आशंका है कि आत्महत्या और बच्चों की हत्या की इस वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले पति-पत्नी के बीच जमकर हिंसक मारपीट और विवाद हुआ था। घटनास्थल पर पहुंचे भिलाई नगर के सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने मामले की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को कमरे की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में शराब की खाली व भरी बोतलें, इस्तेमाल किए गए सिरिंज, घातक इंजेक्शन और कई तरह की अवसाद रोधी दवाइयां बरामद हुई हैं। प्रारंभिक पुलिस तफ्तीश में यह साफ हो चुका है कि सोची-समझी रणनीति के तहत पहले बच्चों की निर्मम हत्या की गई और बाद में पति-पत्नी ने फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। मृतक गोविंद साहू बड़े पैमाने पर शेयर ट्रेडिंग (Share Trading) का काम करता था और भिलाई के पॉश प्रियदर्शिनी परिसर में उसका अपना निजी कार्यालय था। दोनों बच्चे शहर के प्रतिष्ठित केपीएस (KPS) नेहरू नगर स्कूल में पढ़ाई करते थे। इस हंसते-खेलते संपन्न परिवार के अचानक इस तरह खत्म हो जाने से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और कमरे से मिले संदिग्ध केमिकल, इंजेक्शन और बोतलों को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम के पास भेजा गया है। अपील: आत्महत्या कभी भी किसी पारिवारिक विवाद, तनाव या आर्थिक परेशानी का हल नहीं हो सकती। यदि आप या आपका कोई परिचित इस समय किसी मानसिक तनाव, अवसाद या कठिन दौर से गुजर रहा है, तो कृपया अकेले न रहें। अपनी बातें साझा करें। देश में कई ऐसी संस्थाएं हैं जो 24 घंटे आपकी मदद के लिए पूरी तरह निशुल्क और गोपनीय रूप से मौजूद हैं: स्नेहा फाउंडेशन (Sneha Foundation): 044-24640050 (चौबीसों घंटे उपलब्ध)
आईकॉल (iCall – टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सिंसेज): 9152987821 (सोमवार से शनिवार, सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक)
💔 परिवार की मर्जी के खिलाफ की थी लव मैरिज: मृतका चंचल साहू ने पति गोविंद पर लगाया एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप
💉 पहले बच्चों को पिलाई शराब, फिर दिया नींद का इंजेक्शन; मौत सुनिश्चित करने के लिए रस्सी से घोंटा मासूमों का गला
🧪 कमरे से बरामद हुईं शराब की बोतलें और दवाइयां: सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी बोले—FSL रिपोर्ट के बाद साफ होगी वजह
🙏 जीवन अनमोल है: आत्महत्या किसी भी पारिवारिक या मानसिक समस्या का समाधान नहीं है
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दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र स्थित आर्य नगर से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक ही घर के भीतर परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस के हाथ दो महत्वपूर्ण सुसाइड नोट लगे हैं, जिसने पूरे हत्याकांड का राज खोल दिया है। गौरतलब है कि 22 मई को घर के एक बंद कमरे से परिवार के 4 लोगों की लाशें बरामद हुई थीं। घटना के वक्त पति-पत्नी के शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटके मिले थे, जबकि उनके दो मासूम बच्चों के शव बिस्तर पर बेसुध पड़े थे। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में गहरे पारिवारिक विवाद और वैवाहिक जीवन में मचे कलह का दर्दनाक जिक्र है। शुरुआती जांच और नोट के आधार पर यह बात सामने आई है कि पहले दोनों बच्चों की बेरहमी से हत्या की गई और उसके बाद दंपती ने खुद अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
💔 परिवार की मर्जी के खिलाफ की थी लव मैरिज: मृतका चंचल साहू ने पति गोविंद पर लगाया एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप
दरअसल, स्थानीय पुलिस को घटनास्थल की बारीकी से जांच के दौरान दो अलग-अलग सुसाइड नोट बरामद हुए हैं। इन दोनों ही नोटों में पारिवारिक कलह, रोज-रोज के झगड़ों और अपनी शादीशुदा जिंदगी से बुरी तरह तंग आकर यह आत्मघाती कदम उठाने की बात लिखी गई है। सुसाइड नोट में 40 वर्षीय मृतका चंचल साहू ने अपने पति पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर (गैर-मर्द या महिला से अवैध संबंध) का गंभीर आरोप लगाया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक पति-पत्नी ने कुछ साल पहले अपने-अपने परिवारों की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह (लव मैरिज) किया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों के बीच दूरियां और शक इस कदर बढ़ गया कि इसका अंत इस खौफनाक त्रासदी के रूप में हुआ।
💉 पहले बच्चों को पिलाई शराब, फिर दिया नींद का इंजेक्शन; मौत सुनिश्चित करने के लिए रस्सी से घोंटा मासूमों का गला
सुसाइड नोट से जो बातें छनकर सामने आ रही हैं, वे किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकती हैं। नोट के अनुसार, खौफनाक योजना के तहत पहले दोनों मासूम बच्चों को जबरन शराब पिलाई गई। इसके बाद उन्हें बेसुध करने के लिए नींद का एक हाई-डोज इंजेक्शन लगाया गया। जब आरोपियों को लगा कि इंजेक्शन के बाद भी बच्चों की मौत पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो पाई है, तो उन्होंने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए रस्सी से दोनों का गला घोंटकर उन्हें हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया।
इसके बाद पति को भी अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई गई थी। फॉरेंसिक टीम को महिला के चेहरे पर चोट और थप्पड़ के गहरे निशान मिले हैं, जिससे पुलिस को यह प्रबल आशंका है कि आत्महत्या और बच्चों की हत्या की इस वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले पति-पत्नी के बीच जमकर हिंसक मारपीट और विवाद हुआ था।
🧪 कमरे से बरामद हुईं शराब की बोतलें और दवाइयां: सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी बोले—FSL रिपोर्ट के बाद साफ होगी वजह
घटनास्थल पर पहुंचे भिलाई नगर के सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने मामले की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को कमरे की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में शराब की खाली व भरी बोतलें, इस्तेमाल किए गए सिरिंज, घातक इंजेक्शन और कई तरह की अवसाद रोधी दवाइयां बरामद हुई हैं। प्रारंभिक पुलिस तफ्तीश में यह साफ हो चुका है कि सोची-समझी रणनीति के तहत पहले बच्चों की निर्मम हत्या की गई और बाद में पति-पत्नी ने फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली।
मृतक गोविंद साहू बड़े पैमाने पर शेयर ट्रेडिंग (Share Trading) का काम करता था और भिलाई के पॉश प्रियदर्शिनी परिसर में उसका अपना निजी कार्यालय था। दोनों बच्चे शहर के प्रतिष्ठित केपीएस (KPS) नेहरू नगर स्कूल में पढ़ाई करते थे। इस हंसते-खेलते संपन्न परिवार के अचानक इस तरह खत्म हो जाने से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और कमरे से मिले संदिग्ध केमिकल, इंजेक्शन और बोतलों को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम के पास भेजा गया है।
🙏 जीवन अनमोल है: आत्महत्या किसी भी पारिवारिक या मानसिक समस्या का समाधान नहीं है
अपील: आत्महत्या कभी भी किसी पारिवारिक विवाद, तनाव या आर्थिक परेशानी का हल नहीं हो सकती। यदि आप या आपका कोई परिचित इस समय किसी मानसिक तनाव, अवसाद या कठिन दौर से गुजर रहा है, तो कृपया अकेले न रहें। अपनी बातें साझा करें। देश में कई ऐसी संस्थाएं हैं जो 24 घंटे आपकी मदद के लिए पूरी तरह निशुल्क और गोपनीय रूप से मौजूद हैं:
स्नेहा फाउंडेशन (Sneha Foundation): 044-24640050 (चौबीसों घंटे उपलब्ध)
आईकॉल (iCall – टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सिंसेज): 9152987821 (सोमवार से शनिवार, सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक)


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