नई दिल्ली: टेक दिग्गज गूगल (Google) ने भारत में अपने बिल्कुल नए और एडवांस एआई एजेंट ‘Gemini Spark’ को आधिकारिक तौर पर लॉन्च करने की घोषणा कर दी है।
यह केवल एक साधारण एआई चैटबॉट नहीं है, बल्कि एक ऐसा पावरफुल पर्सनल एआई एजेंट (Personal AI Agent) है जो आपकी अनुपस्थिति में भी कई जरूरी डिजिटल काम खुद संभाल सकता है। यदि आप किसी समय इंटरनेट पर ऑनलाइन नहीं हैं या फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तब भी यह आपके द्वारा पहले से दिए गए निर्देशों के अनुसार ईमेल्स का रिप्लाई भेज सकता है, लंबे नोट्स का सार (Summary) तैयार कर सकता है और ऑनलाइन ऑर्डर प्लेस करने जैसे कई काम कर सकता है। कंपनी ने इस बहुप्रतीक्षित फीचर की पहली झलक अपनी सालाना डेवलपर कॉन्फ्रेंस Google I/O में पेश की थी।
⚡ शक्तिशाली Gemini 3.5 मॉडल पर आधारित, यूजर की अनुमति से लेगा सटीक फैसले
गूगल का यह नया एआई एजेंट Gemini Spark, कंपनी के सबसे एडवांस ‘Gemini 3.5’ मॉडल पर आधारित है।
यह सीधे Gemini ऐप के जरिए काम करेगा और जिन भी ऐप्स के एक्सेस की अनुमति आप इसे देंगे, उनकी जानकारी को समझकर उसी हिसाब से ऑटोमैटिक फैसले ले सकेगा। गूगल का कहना है कि इस टूल का मुख्य ध्येय यूजर्स की रोजमर्रा की व्यस्त डिजिटल लाइफ को आसान और तनावमुक्त बनाना है। हालांकि, सुरक्षा और प्राइवेसी के लिहाज से यह एआई अपनी मर्जी से कोई कदम नहीं उठाएगा; यह केवल उन्हीं निर्देशों और सीमाओं का पालन करेगा जो यूजर पहले से तय करके रखेगा।
💳 शुरुआत में Google AI Pro और Google AI Ultra सब्सक्रिप्शन यूजर्स को मिलेगा लाभ
फिलहाल यह एडवांस एआई फीचर सभी आम यूजर्स के लिए मुफ्त में उपलब्ध नहीं होगा।
शुरुआती चरण में इसे केवल ‘Google AI Pro’ और ‘Google AI Ultra’ का पेड सब्सक्रिप्शन लेने वाले प्रीमियम यूजर्स ही इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके जरिए Gmail, Google Docs, Google Sheets और अन्य महत्वपूर्ण Google Workspace ऐप्स में डेली रूटीन के कई काम अपने आप (ऑटोमैटिक तरीके से) पूरे किए जा सकेंगे। इससे यूजर्स को बार-बार एक ही तरह के नीरस काम खुद करने की जरूरत खत्म हो जाएगी और उनके कीमती समय की भारी बचत होगी।
🌐 Google Workspace के साथ सीधे करेगा काम, यूजर के पास रहेगा पूरा प्राइवेसी कंट्रोल
सबसे अच्छी और सुविधाजनक बात यह है कि Gemini Spark का इस्तेमाल करने के लिए किसी भी तरह के अलग इंस्टॉलेशन, थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर या जटिल सेटअप की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी।
यह सीधे Google Workspace के साथ सिंक होकर काम करेगा। यूजर को बस यह तय करना होगा कि एआई को किन-किन ऐप्स का एक्सेस देना है और कौन-कौन से काम सौंपने हैं। यह एआई एजेंट बैकग्राउंड में लगातार एक्टिव रह सकता है और आपके व्यस्त होने पर भी सभी तय काम पूरे करता रहेगा। इसके अलावा, यदि आप किसी भी समय इसे बंद करना चाहें, तो एक क्लिक में ‘टॉगल ऑफ’ (Toggle Off) करने का विकल्प भी मिलेगा, जिससे प्राइवेसी और ऐप्स का पूरा कंट्रोल हमेशा यूजर के हाथ में ही रहेगा।
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