मोबाइल का रीचार्ज प्लान खत्म होते ही तुरंत इनकमिंग कॉल रोक दिए जाने का मुद्दा अक्सर हर मोबाइल यूजर को परेशान करता है। यह सवाल अब देश की संसद में भी उठाया गया है, जिस पर सरकार की तरफ से आधिकारिक जवाब सामने आया है। आइए जानते हैं कि इस मामले पर नियमों और सरकार का क्या कहना है।
🏛️ सांसद राजकुमार रोत ने संसद में उठाए कई सवाल
राजस्थान के बांसवाड़ा से सांसद (MP) राजकुमार रोत ने संसद में दूरसंचार कंपनियों की कार्यप्रणाली को लेकर तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि रिचार्ज वैलिडिटी खत्म होने पर इनकमिंग सर्विस रोकने की यह स्कीम कब शुरू हुई थी, इसके पीछे का रेगुलेटरी आधार क्या है और इससे टेलीकॉम कंपनियों को कितना फायदा हुआ है? इसके अलावा उन्होंने दो सिम कार्ड रखने वाले उपभोक्ताओं की परेशानियों और रिचार्ज की अवधि समाप्त होते ही इनकमिंग सेवाएं बंद न करने के लिए कड़े नियम बनाने की मांग को लेकर भी सरकार से सवाल किया।
📡 सरकार और संचार राज्य मंत्री की तरफ से मिला यह जवाब
सवालों के जवाब में संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने बताया कि TRAI एक्ट, 1997 के तहत टेलीकॉम सर्विस के रेट नोटिफ़ाई करने का अधिकार TRAI के पास है। मौजूदा नियमों के अनुसार, बाजार की प्रतिस्पर्धा और कमर्शियल शर्तों के आधार पर कंपनियां अपने टैरिफ खुद तय करती हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में TRAI के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में ऐसा कोई विशेष नियम या मैंडेट नहीं है जो रिचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग सर्विसेज को रोकने से रोकता हो।
📅 30 दिनों की रिचार्ज वैलिडिटी को लेकर क्या है नियम?
सांसद द्वारा पूछे गए एक अन्य सवाल कि क्या 28 दिनों के बजाय 30 दिनों की रिचार्ज वैलिडिटी अनिवार्य की जा रही है, के जवाब में सरकार ने बताया कि TRAI ने दूरसंचार शुल्क आदेश (66वें और 67वें संशोधन) के तहत पहले ही यह अनिवार्य किया हुआ है कि प्रत्येक टेलीकॉम ऑपरेटर को कम से कम एक प्लान वाउचर, एक स्पेशल टैरिफ वाउचर और एक कॉम्बो वाउचर 30 दिनों की वैधता के साथ देना होगा। साथ ही, इन प्लान्स को हर महीने की एक ही तारीख को रिन्यू करने की सुविधा भी दी जानी चाहिए।
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