भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जाने वाले टी-20 क्रिकेट सीरीज का रोमांचक मुकाबला आगामी 9 अक्टूबर को रांची के जेएससीए (JSCA) इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मैच के लिए ऑफलाइन टिकटों की बिक्री 5 और 6 अक्टूबर को स्टेडियम परिसर में की जा रही है। पहले दिन सोमवार को ही 8 हजार से अधिक टिकटों की बिक्री हुई, और मंगलवार को दूसरे दिन भी टिकट खरीदने के लिए सुबह से ही क्रिकेट प्रेमियों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं।
👩⚖️ महिला कतार को लेकर उठे गंभीर सवाल: टिकटों की कालाबाजारी और बिचौलियों की संलिप्तता का लगाया आरोप
स्टेडियम में टिकट खिड़की पर पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं, लेकिन महिला कतार को लेकर लाइन में खड़े कई लोगों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुरुष कतार में घंटों इंतजार कर रहे प्रेमियों का आरोप है कि महिला कतार में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं खड़ी थीं जिन्हें कथित तौर पर संगठित तरीके से टिकट खरीदने के लिए भेजा गया था। कई लोगों का कहना है कि महिला लाइन में टिकट आसानी से मिल रहे थे, जबकि पुरुष घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी टिकट पाने से वंचित रह गए। लोगों ने आशंका जताई कि कुछ लोग भारी मात्रा में टिकट खरीदकर इन्हें ब्लैक (कालाबाजारी) में बेचने की फिराक में हैं।
😠 क्रिकेट प्रेमियों का बढ़ा गुस्सा: कई महिलाओं को यह तक नहीं पता था कि मैच किन दो टीमों के बीच है
व्यवस्था को लेकर सवाल तब और गहरे हो गए जब कतार में खड़ी कुछ महिलाओं से यह पूछा गया कि वे किस मुकाबले का टिकट लेने आई हैं, तो कई महिलाओं को यह तक जानकारी नहीं थी कि मैच किन दो बड़ी टीमों के बीच होने वाला है। इस बात की जानकारी सामने आने के बाद पुरुष कतार में खड़े असली क्रिकेट प्रेमियों का गुस्सा और अधिक भड़क गया। प्रशंसकों ने मांग की है कि टिकट वितरण की इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल वास्तविक खेल प्रेमियों को ही प्राथमिकता के आधार पर टिकट मिल सकें।
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