ओबीसी आरक्षण और अपने अधिकारों की मांग को लेकर मंगलवार को झारखंड के पांच जिलों में बंद और चक्काजाम का आह्वान किया गया था। इस बंद का आंशिक व मिला-जुला असर गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची और लोहरदगा में देखने को मिला। हालांकि, राजधानी रांची में बंद का असर बेहद सीमित रहा और यहां जनजीवन पूरी तरह सामान्य बना रहा, जबकि खूंटी और कुछ अन्य जिलों में इसका व्यापक प्रभाव दर्ज किया गया।
🚗 रांची के अरगोड़ा चौक पर जाम लगाने की कोशिश: पुलिस की तत्परता से तुरंत बहाल हुआ यातायात, बाजार और स्कूल रहे खुले
राजधानी रांची के अरगोड़ा चौक और कुछ अन्य इलाकों में बंद समर्थकों ने सड़क पर उतरकर वाहनों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया और जाम लगाने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मुस्तैद पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटा दिया, जिससे ट्रैफिक जल्द सामान्य हो गया। हटिया डीएसपी नीरज ने बताया कि कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित जरूर हुआ था, जिसे पुलिस ने तुरंत सुचारू करा दिया। राजधानी के मुख्य बाजारों, दुकानों, स्कूल-कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में रोज की तरह कामकाज सुचारू रूप से जारी रहा।
📊 खूंटी और गुमला में दिखा कड़ा विरोध: चाईबासा-खूंटी मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध, बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
दूसरी ओर, खूंटी और गुमला जिलों में बंद का व्यापक और कड़ा असर देखने को मिला। केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति के आह्वान पर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही प्रमुख सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रांची-खूंटी मुख्य मार्ग स्थित हूटार चौक पर बांस और भारी पत्थरों से घेराबंदी कर रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, जिससे चाईबासा-खूंटी मार्ग भी ठप हो गया। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और खूंटी मुख्यालय सहित तोरपा व मुरहू प्रखंड के सभी बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे।
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