रांची: देश की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आगामी 1 नवंबर को आयोजित होने जा रही बहुप्रतीक्षित ‘वोट बचाओ देश बचाओ’ महारैली को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी और उसके समर्थकों द्वारा जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। इसी राजनीतिक और वैचारिक सरगर्मी के बीच झारखंड राज्य से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सच्चे अनुयायी और पारंपरिक जीवनशैली के लिए प्रसिद्ध टाना भगतों का एक जत्था रांची जिले के बेड़ो क्षेत्र से दिल्ली के लिए रवाना हो गया है। अपनी विशिष्ट पारंपरिक वेशभूषा और अनोखे अंदाज में दिल्ली की ओर कूच कर रहे इन टाना भगतों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विशेष आह्वान पर इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह तैयार होकर जा रहे हैं।
केडी गुरुजी का संकल्प: संख्या भले ही सीमित हो, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमारी उपस्थिति होगी दर्ज
दिल्ली की इस लंबी यात्रा पर निकले प्रख्यात टाना भगत केडी गुरुजी ने अपना उत्साह और संकल्प साझा करते हुए कहा कि भले ही रामलीला मैदान में जुटने वाली कुल भीड़ लाखों में होगी और वहां हमारी उपस्थिति मात्र 30 लोगों की ही क्यों न हो, लेकिन हम इस महत्वपूर्ण महाकुंभ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जरूर जाएंगे। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जिस प्रकार हमारे पूर्वजों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ डटकर अहिंसक आंदोलन किया था और अंग्रेजों को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया था, ठीक उसी तर्ज पर आज हम टाना भगत भी देश की मौजूदा व्यवस्था और नीतियों के खिलाफ अपनी मुखर आवाज बुलंद करने के लिए दिल्ली जा रहे हैं।
स्वनिर्मित भोजन की प्राचीन परंपरा: जलावन की लकड़ी, बर्तन और अपना राशन लेकर दिल्ली की यात्रा पर निकली टोली
दिल्ली जा रहे टाना भगतों की इस समर्पित टोली की सबसे बड़ी और अनोखी विशेषता यह है कि वे अपने साथ यात्रा के दौरान उपयोग में आने वाले चूल्हे के लिए लकड़ी (जलावन), खाना पकाने के बर्तन और जरूरी राशन का पूरा सामान साथ लेकर वाहन से निकले हैं। जब इस अनूठी तैयारी को लेकर केडी टाना भगत से सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत स्पष्टता से जवाब दिया कि हम लोग वहां किसी प्रकार की मौज-मस्ती या पिकनिक मनाने के लिए नहीं जा रहे हैं, बल्कि हमारी सदियों पुरानी यह परंपरा रही है कि हम अपना भोजन स्वयं अपने हाथों से तैयार करके खाते हैं। इसी संस्कृति का पालन करते हुए हम सारा जरूरी सामान अपने साथ लेकर चल रहे हैं ताकि हमें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और हम खुद ही अपना भोजन पकाकर ग्रहण कर सकें।
भंडारी टाना भगत ने दी तैयारियों की पूरी जानकारी, कई प्रमुख अनुयायी जत्थे के साथ हुए शामिल
इस पूरे अभियान की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए भंडारी टाना भगत ने बताया कि हमारे साथ काफी संख्या में ऐसे लोग हैं जो पूरी निष्ठा के साथ दिल्ली की इस यात्रा पर निकल पड़े हैं। इसके लिए सभी साथियों ने पहले से ही अपनी पूरी तैयारी कर ली थी और अब सभी लोग गाड़ियों में सवार होकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं। उन्होंने दोहराया कि राहुल गांधी के निर्देश और आह्वान पर हम सभी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली इस विशाल रैली का हिस्सा बनेंगे और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में अपनी एकजुटता दिखाएंगे। इस जत्थे के साथ यात्रा पर रवाना होने वाले प्रमुख टाना भगतों में विक्रांत टाना भगत, जुड़ा टाना भगत, बलराम टाना भगत, बंधु टाना भगत, सोमरा टाना भगत और सुक्का टाना भगत समेत अन्य कई सम्मानित अनुयायी शामिल हैं।
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