रांची: झारखंड में आयोजित होने जा रही बहुप्रतीक्षित शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 (JTET) के दौरान किसी भी प्रकार की नकल, धांधली या अनुचित गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए हैं। आगामी 1 नवंबर को होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा में भाग लेने वाले सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर बेहद कड़ी और सूक्ष्म जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। परीक्षा की निष्पक्षता को बरकरार रखने और किसी भी तरह के प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स या उपकरणों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के लिए अभ्यर्थियों की चेकिंग हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) के जरिए की जाएगी। इस सुरक्षा व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के पांच प्रमुख जिलों के लिए कुल 112 आधुनिक हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर तत्काल उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
विशेष शाखा की ओर से जारी हुआ आधिकारिक पत्र, रांची, धनबाद, पाकुड़, जामताड़ा और पश्चिमी सिंहभूम में सुरक्षा उपकरण होंगे वितरित
पुलिस विभाग की विशेष शाखा की ओर से गत 30 अक्टूबर को जारी किए गए आधिकारिक पत्र के अनुसार, ये सुरक्षा उपकरण मुख्य रूप से रांची, धनबाद, पाकुड़, जामताड़ा और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिलों को आवंटित किए जाएंगे। इनमें से राजधानी रांची में सबसे अधिक 50 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर की मांग की गई है, ताकि बड़े परीक्षा केंद्रों पर सुचारू जांच हो सके। इसके अतिरिक्त धनबाद जिले के लिए 25, पाकुड़ के लिए 12, जामताड़ा के लिए 12 तथा पश्चिमी सिंहभूम के जिला मुख्यालय चाईबासा के लिए 13 मेटल डिटेक्टर उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा केंद्रों पर फ्रिस्किंग के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की रोकथाम पर रहेगा विशेष जोर, अनुशासन बनाए रखने के निर्देश
परीक्षा केंद्रों के भीतर प्रवेश के वक्त अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग (शारीरिक तलाशी) करते समय इन मेटल डिटेक्टरों का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परीक्षार्थी ब्लूटूथ, मोबाइल या अन्य किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा कक्ष के अंदर न ले जा सके, जिससे नकल की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। पुलिस प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अत्यंत सतर्कता बरती जा रही है, और जांच के साथ-साथ परिसरों में पूर्ण अनुशासन बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
संबद्ध जिलों के पुलिस अधीक्षकों को दिए गए विशेष निर्देश, अनुरक्षण केंद्र से उपकरण प्राप्त कर परीक्षा के बाद सुरक्षित जमा कराने को कहा
विशेष शाखा द्वारा संबंधित सभी पांचों जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को निर्देशित किया गया है कि वे आवश्यक वाहनों और पुलिस बल की ड्यूटी तय करते हुए राजधानी के धुर्वा स्थित विशेष शाखा के अनुरक्षण केंद्र से इन मेटल डिटेक्टरों को समय पर प्राप्त कर लें। साथ ही यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा का संपूर्ण कार्य संपन्न होने के तुरंत बाद सभी सुरक्षा उपकरणों को पूरी सुरक्षित अवस्था में वापस जमा कराया जाए, ताकि भविष्य के आयोजनों में इनका उपयोग किया जा सके। पुलिस मुख्यालय की इस पूरी कवायद का एकमात्र मुख्य उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराना है।
देवघर में भी जेटेट परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, डीसी और एसपी ने केंद्राधीक्षकों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक
देवघर: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा के सफल और निर्बाध संचालन को लेकर बाबा नगरी देवघर में भी प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में शनिवार के रोज देवघर के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने जिले के तमाम परीक्षा केंद्रों के सभी केंद्राधीक्षकों तथा संबंधित परीक्षा नियंत्रकों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की, जिसमें सभी को आवश्यक और सख्त दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान स्पष्ट शब्दों में यह हिदायत दी गई कि परीक्षा के इस बड़े आयोजन में किसी भी स्तर पर जरा सी भी लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा निर्धारित की गई नियमावली और परीक्षा संचालन से जुड़ी हर एक गाइडलाइन का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बुनियादी सुविधाओं के साथ सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध
जिला प्रशासन की तरफ से सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के लिए पेयजल, रोशनी और बैठने जैसी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं सुचारू रूप से बहाल रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा चक्र को बेहद मजबूत करने, परीक्षा कक्षों के भीतर कड़ा अनुशासन बनाए रखने तथा किसी भी अनाधिकृत या बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगाने को कहा गया है। परीक्षा से जुड़े हुए केवल अधिकृत प्रशासनिक पदाधिकारियों और कर्मियों को ही केंद्र के भीतर जाने की अनुमति होगी, इसके अलावा किसी भी अन्य बाहरी शख्स को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
दो पालियों में होगी परीक्षा, पुलिस बल के साथ-साथ चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगी उड़नदस्ता टीम
परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों पर प्रकाश डालते हुए देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने जानकारी दी कि जेटेट की यह परीक्षा दो अलग-अलग पालियों में आयोजित की जाएगी। दोनों ही पालियों के दौरान शहर के सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील और सामान्य केंद्रों पर नजर रखने के लिए विशेष उड़नदस्ता (Flying Squad) टीमें लगातार गश्त करती रहेंगी और सुरक्षा व्यवस्था तथा परीक्षा के सुचारू संचालन पर अपनी पैनी निगाह बनाए रखेंगी। पुलिस प्रशासन का मुख्य प्रयास यही है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अनुचित गतिविधि या नकल की छोटी से छोटी आशंका को समय रहते पूरी सख्ती के साथ रोका जा सके। इसके लिए सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहकर अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है।
परीक्षार्थियों के सफर को सुगम बनाने के लिए रेलवे की अनूठी पहल, चलाई जाएगी विशेष ‘परीक्षा स्पेशल ट्रेन’
धनबाद: इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होने वाले दूर-दराज के अभ्यर्थियों की यात्रा को पूरी तरह सुगम और तनावमुक्त बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने भी अपनी ओर से विशेष प्रबंध किए हैं। आसनसोल रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जसीडीह, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और जामताड़ा जैसे विभिन्न जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचने वाले हजारों अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ‘परीक्षा स्पेशल ट्रेन’ का परिचालन किया जाएगा। रेलवे की यह विशेष ट्रेन 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को दुमका और जसीडीह रेलवे स्टेशनों के बीच विशेष रूप से चलाई जाएगी, जिससे ट्रेन में होने वाली भारी भीड़ से राहत मिलेगी और परीक्षार्थियों को आवागमन में बहुत बड़ी सहूलियत हासिल होगी।
गढ़वा जिले में 26 केंद्रों पर लगभग 10 हजार परीक्षार्थी होंगे शामिल, जिला प्रशासन ने की व्यापक प्रशासनिक तैयारियां
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में भी शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। जिले के भीतर कुल 26 अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर लगभग 10 हजार से अधिक परीक्षार्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाएंगे। इस विशाल आयोजन को पूरी तरह सफल, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त तरीके से संचालित करने तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा के मार्गदर्शन में गढ़वा जिले के तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों द्वारा कई महत्वपूर्ण और कड़े प्रशासनिक निर्णय लिए गए हैं।
दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा, निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी 26 केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू
डिप्टी कमिश्नर के संयुक्त आदेश के अनुपालन में आयोजित होने वाली झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 आगामी 1 नवंबर 2026 (रविवार) के रोज दो पालियों में संपन्न होगी। इसमें प्रथम पाली की परीक्षा पूर्वाह्न 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 02:00 बजे से शाम 04:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए गढ़वा जिले के तीनों अनुमंडल क्षेत्रों में कुल 26 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा की पवित्रता, निष्पक्षता, शांति और पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीनों अनुमंडलों के दंडाधिकारियों ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 के तहत प्रदत्त विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सभी 26 परीक्षा केंद्रों के चारों तरफ 100 मीटर की परिधि में सामान्य निषेधाज्ञा (धारा 163) लागू करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस दौरान केंद्र के आसपास भीड़ जुटाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन की आम नागरिकों और परीक्षार्थियों से अपील, समय से पहले केंद्र पर पहुंचकर नियमों का करें पूर्ण पालन
गढ़वा जिला प्रशासन ने सभी सम्मानित परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों और आम नागरिकों से विनम्र अपील की है कि परीक्षा अवधि के दौरान प्रशासन द्वारा जारी की गई निषेधाज्ञा तथा तमाम प्रशासनिक निर्देशों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करें, ताकि यह परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके। इसके साथ ही, सभी परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए निर्धारित समय से काफी पहले अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं और आयोग तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें।
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