खंडवा | प्रशासनिक एवं क्राइम समाचार
शहर में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और दुरुपयोग पर सख्त रोक लगाने के लिए कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर राजस्व, पुलिस तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के विशेष दल गठित किए गए हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार रात्रि प्रशासन की संयुक्त टीम ने सिविल लाइन्स स्थित मशहूर ‘टिक्कड़ कैंटीन’ पर औचक छापामार कार्रवाई की, जहां भारी मात्रा में अवैध एलपीजी सिलेंडरों का जखीरा पकड़ा गया।
⚡ 1.71 लाख रुपये कीमत के 27 अवैध कमर्शियल सिलेंडर जब्त
छापामार दल में सहायक कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण सुशीर, सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह, प्रभारी सहायक आपूर्ति अधिकारी अमित चौहान, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी रोहित देवल और दानिश खान शामिल थे।
जांच के दौरान टीम ने टिक्कड़ कैंटीन के प्रबंधक दीपक अरझरे की उपस्थिति में परिसर की तलाशी ली। मौके से भारत गैस और एच.पी. गैस कंपनी के भारी मात्रा में कमर्शियल सिलेंडर पाए गए।
जब मैनेजर से इन सिलेंडरों के वैध कनेक्शन और दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई संतोषजनक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका।
जब्ती का विवरण: बिना वैध दस्तावेजों के भारत गैस कंपनी (47.5 किग्रा) के 9 भरे और 6 खाली सिलेंडर, (19 किग्रा) के 4 भरे और 4 खाली सिलेंडर तथा एचपी कंपनी के 4 खाली गैस सिलेंडर पाए गए।
इस प्रकार कैंटीन परिसर से कुल 27 अवैध कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए, जिनकी कुल बाजार कीमत 1,71,237 रुपये आंकी गई है।
प्रशासनिक टीम ने जब्त किए गए सभी 27 सिलेंडरों को मौके पर ही ‘शुभांशी भारत गैस, पिपलोदखास’ को आगामी आदेश तक सुरक्षित रखने के लिए सुपुर्द कर दिया है।⚖️ मालिक और मैनेजर पर केस दर्ज करने की तैयारी
इस गंभीर लापरवाही और अवैध भंडारण के मामले में टिक्कड़ कैंटीन के प्रबंधक दीपक अरझरे और मालिक अनिल जैन के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के खिलाफ ‘द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) प्रदाय और वितरण विनियमन आदेश’ तथा ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7’ के तहत प्रकरण तैयार किया जा रहा है, जिसे शीघ्र ही सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।



खंडवा





















