खंडवा/ओंकारेश्वर | सुरक्षा एवं प्रशासनिक समाचार
जिले के ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में संचालित नावों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नाव संचालकों द्वारा नावों को तेज गति से चलाने और क्षमता से अधिक यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट के बिठाने जैसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30 एवं 34 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य कर दिया है।
📍 इन क्षेत्रों में लागू होंगे नियम:
यह आदेश सम्पूर्ण ओंकारेश्वर, मोरटक्का, हनुमंतिया और सिंगाजी समाधि स्थल क्षेत्र में नर्मदा नदी में संचालित होने वाली सभी नावों पर प्रभावी होगा।
नावों के लिए जारी मुख्य दिशा-निर्देश:
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गति सीमा और दूरी: नावों को नियंत्रित गति में चलाना होगा। दो नावों के बीच कम से कम 30 मीटर की सुरक्षा दूरी बनाए रखना अनिवार्य है।
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पंजीयन (Registration): सभी नाव संचालकों के लिए अपना आधिकारिक पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
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बैठक क्षमता: नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों या श्रद्धालुओं को नहीं बैठाया जा सकेगा।
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लाइफ जैकेट अनिवार्य: नाव में बैठने वाले प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा।
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सुरक्षा उपकरण: प्रत्येक नाव में लाइफब्वॉय, रस्सा, अतिरिक्त लाइफ जैकेट और डूबने से बचाव के लिए अन्य आवश्यक उपकरण होने चाहिए।
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लाउड हेलर और रेडियम: विपरीत परिस्थितियों में संचार के लिए मिनी लाउड हेलर रखना होगा। साथ ही नाव के ऊपरी हिस्से में चारों ओर रेडियम लगाना अनिवार्य है ताकि रात में दृश्यता बनी रहे।
⚠️ कार्रवाई की चेतावनी: नाव संचालकों को होमगार्ड और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करना होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 के तहत सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
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