खंडवा | धर्म, आस्था एवं प्रादेशिक समाचार
“ओम हिंगुले परम हिंगुले अमृतरूपिणी, तनु शक्ति नमोः शिवे ओम हिंगुलाये नमः” जिस तरह भगवान अलग-अलग युगों में विभिन्न रूपों में अवतरित हुए, उसी तरह मां भगवती ने भी हर युग में अलग-अलग नामों से अवतार लिया। शहर के मालीकुआं स्थित श्री मां हिंगलाज माता मंदिर इसी ईश्वरीय चमत्कार का एक जीवंत उदाहरण है।
✨ कभी हनुमान जी समझकर होती थी पूजा, फिर हुआ चमत्कार
प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, यहां स्थित पत्थर की मूर्ति को लोग पहले श्री हनुमान जी समझकर पूजते थे। लेकिन एक दिन एक महिला के शरीर में माताजी प्रकट हुईं और उन्होंने बताया कि यह प्रतिमा वस्तुतः ‘श्री मां हिंगलाज’ की है। इसी चमत्कार के बाद यहां माताजी की प्रतिमा की विधिवत स्थापना कर भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया।
🚩 51 शक्तिपीठों में प्रधान है हिंगलाज माता का स्थान
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भारतवर्ष में कुल 51 शक्तिपीठ हैं:
पूर्व में कामाक्षी
उत्तर में ज्वालामुखी
दक्षिण में मीनाक्षी
पश्चिम में श्री मां हिंगलाज
पाकिस्तान से जुड़ा है इतिहास: मान्यता है कि श्री मां हिंगलाज के मूल स्थान पर देवी सती का सिर गिरा था, इसलिए इसे 51 शक्तिपीठों में ‘प्रधान’ माना गया है। यह मुख्य शक्तिपीठ वर्तमान में पाकिस्तान के प्रांत बलूचिस्तान के लासबेला जिले में स्थित है। सतीजी के सिर में हिंगुल (सिंदूर) भरा होने के कारण इनका नाम ‘श्री मां हिंगलाज’ पड़ा। मुख्य स्थल पाकिस्तान में होने के कारण भारत में हिंगलाज माता की यह स्वयंभू और दुर्लभ प्रतिमा केवल खंडवा में ही विराजित है।
🌸 17 मार्च को हर्षोल्लास के साथ मनेगा प्रकट उत्सव
अंतर्राष्ट्रीय भावसार महासभा (म.प्र. एवं छत्तीसगढ़) के सचिव गणेश भावसार ने बताया कि आगामी 17 मार्च को श्री मां हिंगलाज प्रकट उत्सव (जयंती) पूरी आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
मंदिर के कार्यक्रम: मालीकुआं स्थित माता मंदिर में प्रातः मां हिंगलाज का विशेष श्रृंगार व पूजन होगा। दोपहर 12 बजे महाआरती के पश्चात कन्या भोज और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। रात्रि में भजनों की शानदार प्रस्तुति दी जाएगी।
हिंगलाज माता भावसार समाज की कुलदेवी हैं। प्रकट उत्सव के पावन अवसर पर भावसार समाज द्वारा विशेष आयोजन किए जा रहे हैं:🙏 भावसार समाज निकालेगा भव्य चुनरी यात्रा
प्रातः 9 बजे कहारवाड़ी चौक स्थित भावसार धर्मशाला से एक विशाल चुनरी यात्रा निकाली जाएगी।
यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मालीकुआं स्थित हिंगलाज माता मंदिर पहुंचेगी, जहां माता को चुनरी ओढ़ाकर पूजन और आरती की जाएगी।
आरती के पश्चात सभी सामाजिक बंधु जसवाड़ी रोड स्थित भावसार बालक धाम आश्रम (मां हिंगलाज वाटिका, हनुमान मंदिर) पहुंचेंगे, जहां दर्शन के साथ ही विशाल भंडारे का प्रसाद ग्रहण करेंगे।
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