नई दिल्ली: भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) विकास दर 7.8 प्रतिशत रहने के आंकड़े सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए देशवासियों को बधाई दी।
हालांकि, इस बधाई संदेश में विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा कटाक्ष भी शामिल था। पीएम ने कहा कि दुनिया जब युद्ध और आपूर्ति श्रृंखला के संकटों से जूझ रही है, तब भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश के भीतर निराशा की गर्त में डूबे कुछ लोग ‘झूठ की गूंज’ और निराशा फैलाने में जुटे हैं। पीएम की इस टिप्पणी के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई।
⚔️ खरगे का ‘लाइट्स, कैमरा, इनएक्शन’ वाला पलटवार: 3 ‘U’ का लगाया आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का पक्ष:
PR स्टंट का आरोप: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इकोनॉमी के मामले में मोदी सरकार की कहानी ‘लाइट्स, कैमरा, इनएक्शन’ जैसी है।
आम आदमी की समस्याएं (3 ‘U’): खरगे ने आरोप लगाया कि आम जनता तीन गंभीर संकटों के बोझ तले दबी है:
Unprecedented Unemployment: रिकॉर्ड तोड़ बेरोजगारी
Unbearable Price Rise: असहनीय महंगाई
Unbridled Inequality: बेतहाशा असमानता
आंकड़ों पर कांग्रेस का तकनीकी सवाल:📊 कांग्रेस नेता सलमान सोज का हमला: ‘2.5 लाख करोड़ रुपये इक्विटी से बाहर क्यों निकले?’
निवेशकों का रुख: कांग्रेस नेता सलमान सोज ने आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीडीपी आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है, तो विदेशी निवेशक भारत से पूंजी क्यों निकाल रहे हैं।
इक्विटी आउटफ्लो: उन्होंने दावा किया कि 2026 में अब तक भारतीय इक्विटी बाजार से लगभग ₹2.5 लाख करोड़ रुपये निकाले जा चुके हैं और निर्यात (Exports) का हिस्सा पहले की तुलना में कम हुआ है।
विपक्षी नेताओं के बयान:🗣️ सैम पित्रोदा और मनोज झा ने उठाए सवाल: ‘क्या गरीब की थाली में बदल रहे हैं आंकड़े?’
सैम पित्रोदा का तंज: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने रुपये की कमजोरी पर चिंता जताते हुए सवाल किया कि क्या यह विकास समान है या केवल कुछ अरबपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए है।
मनोज झा का प्रहार: राजद (RJD) सांसद मनोज झा ने कहा कि प्याज और चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सांख्यिकी आंकड़े आम गरीब और मध्यम वर्ग की थाली तक नहीं पहुंच रहे हैं।
सरकार का बचाव और आर्थिक विश्लेषण:👩💼 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान: ‘जनता की कड़ी मेहनत और आर्थिक सुधारों का परिणाम’
जनता की मेहनत का श्रेय: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस प्रदर्शन का पूरा श्रेय देश की जनता और एनडीए (NDA) सरकार के नीतिगत सुधारों को दिया।
वैश्विक चुनौतियों के बीच विकास: उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी और युद्ध के हालात के बावजूद चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.8% की विकास दर हासिल करना यह दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे हर क्षेत्र में मजबूत हो रहे हैं।
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