महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तार से बैठक की। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने छात्रों की सभी प्रमुख मांगों पर बेहद सकारात्मक रुख अपनाते हुए कई अहम और बड़े फैसले लिए। सरकार के इन आश्वासनों के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने 2 अक्टूबर को प्रस्तावित अपने आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
📝 MPSC की परीक्षाएं ऑफलाइन ही होंगी आयोजित, तीन महीने के भीतर होगी न्यायिक जांच
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि MPSC की सभी परीक्षाएं पारंपरिक रूप से ऑफलाइन ही आयोजित की जाएंगी और बिना सभी पक्षों से चर्चा किए परीक्षा प्रणाली में कोई बदलाव नहीं होगा। छात्रों द्वारा आयोग के पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों को हटाने की मांग पर उन्होंने बताया कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी और इस मामले में तीन महीने के भीतर न्यायिक जांच कराई जाएगी। इसके अलावा, छात्रों को बार-बार दस्तावेज जमा करने से मुक्ति दिलाने के लिए मामूली शुल्क पर ‘सिंगल कार्ड’ की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी।
🚀 3 साल की भर्तियों का एक साथ होगा ऐलान, ग्रुप-C परीक्षा में बढ़ेंगे पद
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार अब अगले तीन वर्षों की रिक्तियों का ऐलान एक साथ करेगी, तथा सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पदों पर एक साल पहले ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आगामी 3 जनवरी को होने वाली ग्रुप-C की परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग भी मान ली गई है, जिससे राज्य के युवाओं को रोजगार के बंपर अवसर मिल सकेंगे। एक महीने के भीतर पूरी भर्ती प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
यह खबर आपको कैसी लगी?


महाराष्ट्र




























