नकोदर। नकोदर सदर पुलिस ने कंपनी के 3 लाख 16 हजार 599 रुपये हड़पने की नीयत से रची गई झूठी लूट की कहानी का पर्दाफाश करते हुए आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की गहन जांच में यह बात साफ सामने आई कि कथित पीड़ित ने खुद ही अपनी कंपनी की रकम हड़पने के उद्देश्य से इस पूरी वारदात की झूठी पटकथा तैयार की थी। फिलहाल पुलिस आरोपी से ठगी गई पूरी रकम की बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है।
🕵️♂️ 16 सितंबर को दी गई थी लूट की फर्जी सूचना: जमींतगढ़ खोसे के पास बताई थी मनगढ़ंत घटना
मामले का खुलासा करते हुए डी.एस.पी. नकोदर ओंकार सिंह बराड़ ने बताया कि 16 सितंबर को अरविंदर सिंह (पुत्र राम लुभाया, निवासी गांव चूहड़, थाना सदर नकोदर), जो कि ‘सी.एम.एस. इन्फो सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड’ जालंधर में कार्यरत है, ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी कंपनी के 3,16,599 रुपये लूट लिए गए हैं।
उसने अपनी शिकायत में दावा किया था कि गांव जमींतगढ़ खोसे के अड्डे के पास कुछ अज्ञात बदमाशों ने उसे जबरन घेरकर उक्त पूरी नकद राशि लूट ली और फरार हो गए।
⚖️ राहुल अरोड़ा के बयानों पर दर्ज हुई थी एफआईआर: ए.एस.आई. सुखविंदर सिंह ने संभाली जांच की कमान
कथित लूट की इस शिकायत के आधार पर राहुल अरोड़ा (पुत्र अशोक कुमार अरोड़ा, निवासी अजीत नगर, जालंधर) के बयानों के तहत थाना सदर नकोदर में अपराध क्रमांक (FIR No.) 254 के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर पलविंदर सिंह की देखरेख में ए.एस.आई. सुखविंदर सिंह ने तकनीकी और मैदानी जांच शुरू की।
💡 तकनीकी जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज: कर्ज चुकाने के लिए रची थी घिनौनी साजिश
तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और कड़ाई से की गई पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित पीड़ित अरविंदर सिंह की बातों और घटनाक्रम में गंभीर विरोधाभास नजर आया।
गहनता से जांच करने पर यह सच उजागर हो गया कि अरविंदर सिंह ने कंपनी के पैसों को खुद हजम करने के लिए लूट की यह फर्जी कहानी गढ़ी थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने घरेलू जरूरतों और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए भारी कर्ज ले रखा था, जिसे चुकाने के लिए उसने कंपनी की रकम उड़ाने का यह रास्ता चुना। नकोदर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और गबन की गई पूरी राशि बरामद करने की प्रक्रिया जारी है।
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