सरकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. कई केंद्रीय मंत्रियों की तरफ से छात्रों को बातचीत का न्योता देने के कई प्रस्ताव भेजे गए हैं, हालांकि अभी तक उनकी तरफ से कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है, लेकिन सरकार संवाद स्थापित करने की अपनी कोशिशों में पूरी तरह जुटी हुई है.
🤝 केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का बयान: सरकार हर शर्त पर चर्चा करने को तैयार
इस संबंध में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कल से लेकर आज दोपहर तक प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बातचीत के लिए कुल 4 बार प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं. सरकार छात्रों की सुविधा के अनुसार ही बातचीत करने को तैयार है और उनकी सभी जायज शर्तों पर भी खुले मन से चर्चा करने को राजी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर हैं. केंद्रीय मंत्री ने छात्रों से विनम्रतापूर्वक आगे आने और बैठकर बातचीत करने की अपील की है, तथा इस बात पर जोर दिया है कि किसी भी समस्या का अंतिम समाधान केवल आपसी बातचीत से ही निकल सकता है.
🗣️ जेपी नड्डा बोले- छात्रों की पसंद की किसी भी जगह पर बैठक करने को तैयार है सरकार
उधर, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी दोहराया है कि छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने की कोशिशें लगातार जारी हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार छात्रों की पसंद की किसी भी जगह पर बैठक करने के लिए तैयार है, चाहे वह उनके घर पर हो या फिर संबंधित मंत्रालय में. हालांकि छात्रों को बातचीत के कई प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, पर उनकी तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
⚖️ PM मोदी का बड़ा फैसला: पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट
देश के युवाओं और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन करने का कड़ा निर्देश दिया है. सोशल मीडिया पर अपना एक संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश के युवाओं का भविष्य और उनकी भलाई सरकार के लिए सर्वोपरि है. पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि पेपर लीक जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को जल्द से जल्द और सबसे कठोर सजा दिलाने के लिए ही विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी नासमझ व्यक्ति युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
📋 नीट पेपर लीक मामले से जुड़े अब तक के मुख्य अपडेट्स
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केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर सीजेपी (CJP) के नुमाइंदों से अब तक कुल चार बार संपर्क साधा है.
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सरकारी पक्षों के अनुसार, सीजेपी के नुमाइंदे फिलहाल बातचीत की टेबल पर आगे आने से कतरा रहे हैं.
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गतिरोध इस बात पर बना हुआ है कि सरकार चाहती है बैठक जेपी नड्डा के आवास या मंत्रालय में हो, जबकि सीजेपी जंतर-मंतर या किसी अन्य न्यूट्रल लोकेशन पर बैठक चाहती है. बैठक के स्थान को लेकर ही मुख्य रूप से डेडलॉक बना हुआ है.
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इस बीच संसद के भीतर चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार विभिन्न विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ भी लगातार बातचीत कर रही है.
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केंद्र सरकार जल्द ही सभी दलों के फ्लोर लीडर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक भी बुला सकती है.
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सरकार किसी भी तरह से संसद में बने राजनीतिक गतिरोध को खत्म करना चाहती है, जिसके सिलसिले में आज संसद के भीतर गृहमंत्री अमित शाह और संसदीय कार्यमंत्री किरण रीजीजू ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर आगे की रणनीतियों पर गहन चर्चा की.
🛡️ जंतर-मंतर पर तनाव और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में इन दिनों भारी विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं. पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुई झड़प के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. हाल ही में, उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा था. इसके अलावा, सुरक्षा के कड़े एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो के लगभग 16 स्टेशन भी बंद करने पड़े थे. यदि प्रदर्शनकारियों की मांगों की बात की जाए, तो उनकी मुख्य मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा देना, परीक्षा प्रणाली में बड़े और कड़े संरचनात्मक सुधार लाना, तथा पेपर लीक के कारण हुए मानसिक तनाव के चलते जान गंवाने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करना शामिल है.
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