केरल: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता पिनाराई विजयन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। छापेमारी के बाद अपने समर्थकों के भारी आक्रोश और ईडी अफसरों के साथ झड़प के बीच, विजयन ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि ईडी लंबे समय से उनके घर की तलाशी लेने के लिए प्रयासरत थी। विजयन ने तीखे लहजे में कहा कि इस कार्रवाई से राहुल गांधी जैसे नेताओं को काफी ‘संतुष्टि’ मिलेगी, जो लगातार पिनाराई विजयन की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
⚖️ क्या है पूरा मनी लॉन्ड्रिंग मामला?
यह छापेमारी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत की गई है। इस जांच के दायरे में पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीणा विजयन और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। यह मामला 2019 में आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी के बाद सुर्खियों में आया था, जिसमें 130 करोड़ रुपये के फर्जी खर्च का खुलासा हुआ था। बाद में ‘सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस’ (SFIO) की जांच में कंपनी द्वारा 182 करोड़ रुपये के फर्जी कैश लेनदेन के गंभीर दावे सामने आए।
🏢 कंपनी का फर्जी खर्च और संदिग्ध भुगतान
जांच में यह भी पाया गया कि कंपनी ने शेयरधारकों को कोई डिविडेंड (लाभांश) नहीं दिया, जबकि कंपनी के एमडी एसएन ससीधरन और उनके बेटे को 2015-16 से 2022-23 के बीच वेतन और अन्य मदों में 30.63 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। ईडी इस पूरे वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है ताकि धन के स्रोत और लाभार्थियों का पता लगाया जा सके।
🛡️ ‘यह हमारा अंत नहीं, एक शुरुआत है’
पिनाराई विजयन ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से उनका अंत नहीं होगा, बल्कि इसे वे एक नई शुरुआत के रूप में देखते हैं। विजयन ने अपनी पार्टी और समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दुश्मनों की हर साजिश का मुकाबला करने के लिए उन्हें अपनी पार्टी का अटूट समर्थन हासिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह हमला पूरी तरह से राजनीतिक प्रेरित है।
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