जयपुर। राजस्थान के तीन सबसे प्रमुख शहरों—जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए महापौर (मेयर) की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया है। जयपुर नगर निगम में सुनील कोठारी, जोधपुर में प्रसन्नचंद मेहता और कोटा में अनुसुईया गोस्वामी नवनिर्वाचित महापौर चुने गए हैं। प्रदेश के कुल 10 नगर निगमों में से 9 में भारतीय जनता पार्टी ने अपना बोर्ड गठित कर लिया है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस केवल बीकानेर नगर निगम तक ही सिमट कर रह गया है। तीनों प्रमुख शहरों में बीजेपी प्रत्याशियों को अपनी पार्टी के पार्षदों की मूल संख्या से अधिक मत प्राप्त हुए, जबकि कोटा में कांग्रेस पार्षदों द्वारा बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग किए जाने की बात सामने आई है।
🚨 जयपुर में मतदान के दौरान भारी सियासी बवाल: कांग्रेस विधायक के धरने और आरोपों के बीच हुआ चुनाव
राजधानी जयपुर में महापौर पद के लिए हुए मतदान का पूरा मुकाबला बेहद नाटकीय रहा।
मतदान प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस विधायक रफीक खान को नगर निगम परिसर के भीतर जाने से पुलिस-प्रशासन द्वारा रोके जाने पर जबरदस्त सियासी हंगामा खड़ा हो गया। प्रशासन के इस रुख के विरोध में विधायक रफीक खान निगम के मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ गए। वहीं, कांग्रेस पार्षद मुकेश छापोला ने भी स्थानीय प्रशासन पर जानबूझकर वोट डालने से वंचित करने और रोकने का गंभीर आरोप लगाया।
🚩 जयपुर में सुनील कोठारी ने संभाली कुर्सी: जोधपुर में सड़कों की मरम्मत तो कोटा में भावुक हुईं नई मेयर
तमाम विरोध प्रदर्शनों और हंगामे के बीच बीजेपी के सुनील कोठारी ने अंततः जीत दर्ज कर औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया।
जयपुर: पदभार संभालने के बाद महापौर सुनील कोठारी ने कहा कि वे सभी 150 पार्षदों को साथ लेकर राजधानी जयपुर के सर्वांगीण विकास को गति देंगे।
जोधपुर: 53 वोट हासिल कर महापौर बने प्रसन्नचंद मेहता ने प्राथमिकताएं गिनाते हुए घोषणा की कि आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए सबसे पहले शहर की क्षतिग्रस्त सड़कों का कायाकल्प कराया जाएगा।
कोटा: कोटा की नई महापौर अनुसुईया गोस्वामी पदभार ग्रहण करते समय भावुक हो गईं और उन्होंने अपनी मेयर टेबल को नमन करके कार्यभार संभाला।
प्रदेश के अन्य निकायों के नतीजों की बात करें तो सुकेत नगर पालिका में बीजेपी के जितेंद्र चोपड़ा अध्यक्ष चुने गए, जबकि श्रीविजयनगर नगर पालिका में कांग्रेस के सुशील मिढ़ा ने जीत दर्ज की।🗳️ अन्य निकायों का हाल: श्रीविजयनगर में कांग्रेस जीती, खाटूश्यामजी में कानूनी पेंच में फंसी मतगणना
उधर, सीकर जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल खाटूश्यामजी नगर पालिका अध्यक्ष पद की मतगणना कानूनी पेंच में उलझ गई है। खाटूश्यामजी में कुल 20 में से केवल 19 पार्षदों ने वोट डाला था, क्योंकि कांग्रेस की एक महिला पार्षद ऐन वक्त पर लापता हो गई थीं। कांग्रेस प्रत्याशी विनीता की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने 19 वोटों की गिनती का आदेश जारी किया था, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को अदालत के आदेश की आधिकारिक सत्यापित कॉपी न मिलने के कारण मतगणना को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।
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