बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले साहिबगंज क्षेत्र में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और उससे हो रहे लगातार कटाव के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सकरीगली और महाराजपुर के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे हो रहे भारी कटाव की वजह से साहिबगंज-बरहड़वा रेलखंड के डाउन लाइन पर तीसरे दिन भी ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहा। हालांकि प्रशासन और रेलवे द्वारा कटावरोधी कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण राहत कार्यों में लगातार अड़चनें आ रही हैं।
🚢 डालेंगे गए 50 वैगन बोल्डर भी पानी में समाए, जहाज न मिलने से रेलवे की बढ़ी मुश्किलें
रेलवे सूत्रों के अनुसार, स्थिति से निपटने के लिए मंगलवार और बुधवार को करीब 50 वैगन बोल्डर डाले गए थे, जो पानी के तेज बहाव में नीचे समा गए। रेलवे ने जहाज के माध्यम से बोल्डर गिराने की योजना बनाई थी, लेकिन कोई भी संचालक अपना जहाज वहां ले जाने को तैयार नहीं है। हालात को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि सब कुछ ठीक रहने पर भी ट्रैक को दुरुस्त करने में 3 से 4 दिन का समय लग सकता है, जिसके चलते 5 अक्टूबर के बाद ही ट्रेनों का परिचालन सामान्य होने की उम्मीद है।
🚆 दर्जनों ट्रेनें रद्द और डायवर्ट, यात्रियों की जेब पर पड़ रहा भारी असर
इस आपदा के कारण यात्रियों की मुश्किलें चरम पर पहुंच गई हैं। शुक्रवार तक कुल 56 पैसेंजर और 8 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द की जा चुकी हैं, जबकि 29 ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं। कई ट्रेनों को शॉर्ट ओरिजिनेट और शॉर्ट टर्मिनेट भी किया गया है। ट्रेनों के पहिए थमने के कारण बस, ऑटो और टोटो चालकों द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। स्थिति का जायजा लेने के लिए आज डीआरएम भी घटनास्थल का दौरा करेंगे।
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