अमेरिका लगातार ईरान सरकार को मिलने वाली फंडिंग और आर्थिक मदद को पूरी तरह से बंद करने के लिए सख्त फैसले ले रहा है। अमेरिका ने ईरान पर किसी भी देश के साथ तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का व्यापार करने पर कड़ी पाबंदी लगा रखी है। इसी नीति के तहत, ईरान से पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार में शामिल होने और मदद करने के आरोपों के चलते अमेरिका ने मुंबई की दो कंपनियों और उनसे जुड़े पांच भारतीय नागरिकों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ईरान के अवैध वित्तीय स्रोतों और कमाई के रास्तों को पूरी तरह काटना है।
👥 किन कंपनियों और व्यक्तियों पर गिरी गाज?
अमेरिकी विदेश विभाग ने जिन कंपनियों के खिलाफ यह कदम उठाया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
एसएसपीएल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (SSPL Solutions Pvt Ltd): इस कंपनी के दो अधिकारियों—ध्वनि वोरा और निसर्ग वोरा पर प्रतिबंध लगाया गया है।
समुद्र मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (Samudra Marine Services Pvt Ltd): इस कंपनी के तीन अधिकारियों—केतन कोचीकर, भूपेंद्रसिंह साहू और हरिश्याम हरिहरन चुंडाकट्टिल के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
वित्तीय नियमों के तहत इन सभी पांचों व्यक्तियों को अपनी-अपनी कंपनियों से जुड़े किसी भी प्रकार के पैसों के लेन-देन और वित्तीय गतिविधियों से पूरी तरह रोक दिया गया है।
एक आधिकारिक अमेरिकी बयान में कहा गया है कि इन कंपनियों ने ईरानी सरकार को लाखों डॉलर पहुंचाए, जिससे उसकी कमाई के मुख्य जरियों को मजबूती मिली और उसकी गैर-कानूनी गतिविधियां जारी रहीं। अमेरिकी सरकार उन सभी खरीदारों और विक्रेताओं पर प्रतिबंध लगा रही है जो ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों के इस व्यापार को बढ़ावा दे रहे हैं।
🚢 17 गुप्त जहाजों (Secret Ships) और अन्य कंपनियों पर भी पाबंदी
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समुद्र मरीन सर्विसेज को मोहलत: अमेरिका ने ‘समुद्र मरीन सर्विसेज’ पर तुरंत पूरी तरह से ताला नहीं लगाया है, बल्कि उसे 23 अक्टूबर तक की मोहलत दी है ताकि वह अपने पुराने बचे हुए सौदे, बकाया पैसे और कागजी काम को कानूनी तरीके से निपटाकर अपना काम पूरी तरह समेट सके।
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गुप्त जहाजों पर शिकंजा: अमेरिका के खजाना विभाग ने सिर्फ इन कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि ईरान की मदद करने वाली 17 अन्य कंपनियों और उनके 17 ‘सीक्रेट जहाजों’ पर भी पाबंदी लगा दी है। ये वे चोर जहाज थे जो चोरी-छिपे समंदर के रास्ते ईरान का तेल दूसरे देशों में सप्लाई करते थे, ताकि ईरान को अवैध रूप से मुनाफा और पैसा मिल सके।


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