देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंजाबी गायक दलेर मेहंदी से टेलीफोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना। हाल ही में नवरात्रि के पावन अवसर पर टिहरी गढ़वाल जिले में आयोजित एक कॉन्सर्ट के दौरान दलेर मेहंदी की लाइव प्रस्तुति को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया था। परफॉर्मेंस के बीच राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए थे और उनकी गायकी व प्रस्तुति को लेकर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर इस पर काफी चर्चाएं होने लगी थीं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ‘अतिथि देवो भवः’ की गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करती है। यहां की लोक संस्कृति, आत्मीय आतिथ्य और आपसी सौहार्द ही इसकी मुख्य पहचान है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में हमेशा से कला, संस्कृति और कलाकारों का खुले दिल से स्वागत और सम्मान किया जाता रहा है। सीएम ने उम्मीद जताई कि इस पुराने विवाद को पीछे छोड़कर सभी को आपसी संवाद, सौहार्द और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री धामी ने दलेर मेहंदी के भाई और प्रसिद्ध गायक मीका सिंह से भी फोन पर चर्चा की थी और किसी भी तरह की गलतफहमी को आपसी बातचीत से सुलझाने की बात कही थी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का बचाव करते हुए कहा था कि उस समय मंच पर जनता का दबाव रहा होगा। मंत्री ने खुद यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका कोई गलत इरादा नहीं था, इसलिए अब इस प्रकरण को यहीं समाप्त कर देना चाहिए। यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर की रात को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान सामने आया था। कॉन्सर्ट में दलेर मेहंदी की लाइव सिंगिंग और बैकग्राउंड साउंड ट्रैक की आवाज मेल न खाने के कारण मंच पर असहज स्थिति बन गई थी। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय विधायक एवं मंत्री सुबोध उनियाल इस बात से नाराज होकर मंच पर चले गए थे और गायक से कहा था कि भारी भुगतान के बावजूद वे ठीक से बोल या गा नहीं पा रहे हैं। बवाल बढ़ने के बाद मंत्री सुबोध उनियाल ने अपनी सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब है और इसी वजह से वे ठीक से बोल नहीं पा रहे थे। मंत्री ने कहा कि यदि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी तो उन्हें इस कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था, क्योंकि प्रशासन द्वारा उनका पूरा भुगतान और व्यवस्थाएं पहले ही सुनिश्चित की गई थीं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और न ही किसी को ठेस पहुंचाने का उनका कोई उद्देश्य था।‘देवभूमि में कला और कलाकारों का हमेशा होता है सम्मान’
मीका सिंह से भी हुई थी चर्चा, मंत्री का किया बचाव
क्या था टिहरी गढ़वाल कॉन्सर्ट का पूरा विवाद?
तबीयत खराब होने को लेकर मंत्री का स्पष्टीकरण
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देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंजाबी गायक दलेर मेहंदी से टेलीफोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना। हाल ही में नवरात्रि के पावन अवसर पर टिहरी गढ़वाल जिले में आयोजित एक कॉन्सर्ट के दौरान दलेर मेहंदी की लाइव प्रस्तुति को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया था। परफॉर्मेंस के बीच राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए थे और उनकी गायकी व प्रस्तुति को लेकर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर इस पर काफी चर्चाएं होने लगी थीं।
‘देवभूमि में कला और कलाकारों का हमेशा होता है सम्मान’
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ‘अतिथि देवो भवः’ की गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करती है। यहां की लोक संस्कृति, आत्मीय आतिथ्य और आपसी सौहार्द ही इसकी मुख्य पहचान है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में हमेशा से कला, संस्कृति और कलाकारों का खुले दिल से स्वागत और सम्मान किया जाता रहा है। सीएम ने उम्मीद जताई कि इस पुराने विवाद को पीछे छोड़कर सभी को आपसी संवाद, सौहार्द और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मीका सिंह से भी हुई थी चर्चा, मंत्री का किया बचाव
इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री धामी ने दलेर मेहंदी के भाई और प्रसिद्ध गायक मीका सिंह से भी फोन पर चर्चा की थी और किसी भी तरह की गलतफहमी को आपसी बातचीत से सुलझाने की बात कही थी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का बचाव करते हुए कहा था कि उस समय मंच पर जनता का दबाव रहा होगा। मंत्री ने खुद यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका कोई गलत इरादा नहीं था, इसलिए अब इस प्रकरण को यहीं समाप्त कर देना चाहिए।
क्या था टिहरी गढ़वाल कॉन्सर्ट का पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर की रात को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान सामने आया था। कॉन्सर्ट में दलेर मेहंदी की लाइव सिंगिंग और बैकग्राउंड साउंड ट्रैक की आवाज मेल न खाने के कारण मंच पर असहज स्थिति बन गई थी। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय विधायक एवं मंत्री सुबोध उनियाल इस बात से नाराज होकर मंच पर चले गए थे और गायक से कहा था कि भारी भुगतान के बावजूद वे ठीक से बोल या गा नहीं पा रहे हैं।
तबीयत खराब होने को लेकर मंत्री का स्पष्टीकरण
बवाल बढ़ने के बाद मंत्री सुबोध उनियाल ने अपनी सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब है और इसी वजह से वे ठीक से बोल नहीं पा रहे थे। मंत्री ने कहा कि यदि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी तो उन्हें इस कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था, क्योंकि प्रशासन द्वारा उनका पूरा भुगतान और व्यवस्थाएं पहले ही सुनिश्चित की गई थीं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और न ही किसी को ठेस पहुंचाने का उनका कोई उद्देश्य था।


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