लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच बढ़ते बिजली संकट को देखते हुए जिला प्रशासन और पावर कॉर्पोरेशन ने बेहद सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। जिलाधिकारी (DM) के कड़े निर्देशों पर शहर के 31 सबसे संवेदनशील बिजली उपकेंद्रों (Sub-stations) पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही, बिजली ग्रिड पर अत्यधिक लोड को कम करने के लिए उपभोक्ताओं से अपने एयर कंडीशनर (AC) को 25 से 26 डिग्री सेल्सियस पर चलाने की विशेष अपील की गई है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) की प्रबंध निदेशक (MD) रिया केजरीवाल के साथ जिलाधिकारी की हुई एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया।
इस महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक में लखनऊ विद्युत आपूर्ति प्रशासन (LESA) के निदेशक और सभी क्षेत्रों के मुख्य अभियंता (Chief Engineers) भी मुख्य रूप से शामिल हुए। एमडी रिया केजरीवाल ने लखनऊ के उपभोक्ताओं से अपील की कि वे इस संकट की घड़ी में बिजली की फिजूलखर्ची रोकें और बिजली की बचत करें। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निदेशक और मुख्य अभियंता खुद रात में संवेदनशील इलाकों में गश्त करेंगे और स्थिति सामान्य होने तक ग्रिड की निगरानी रखेंगे। इसके अलावा, बिजली चोरी वाले चिन्हित क्षेत्रों में विजिलेंस टीम के साथ मिलकर सघन चेकिंग अभियान तेज करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
🛠️ रात 10 से सुबह 6 बजे तक तैनात रहेंगे बाहरी जिलों के तकनीकी कर्मी: हाईवे जाम करने वालों पर पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज
बिजली संकट से पैदा होने वाले स्थानीय फॉल्ट को तुरंत दुरुस्त करने के लिए अन्य जनपदों से अतिरिक्त तकनीकी कर्मियों और इंजीनियरों को लखनऊ बुलाया गया है। इन बाहरी कर्मियों को संवेदनशील उपकेंद्रों पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक की क्रिटिकल शिफ्ट में तैनात किया जाएगा। ये तकनीकी कर्मी उपभोक्ताओं की आने वाली ब्रेकडाउन और ट्रिपिंग की शिकायतों का तुरंत निपटारा करेंगे और कंट्रोल रूम को जरूरी सहायता उपलब्ध कराएंगे।
दूसरी ओर, बिजली संकट और अघोषित कटौती के विरोध में गुरुवार को लखनऊ-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) को पूरी तरह जाम करने वाले उग्र प्रदर्शनकारियों पर प्रशासन ने कानूनी हंटर चलाया है। रास्ता रोककर आम जनता को परेशान करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शुक्रवार को पीजीआई (PGI) थाने में नामजद व अज्ञात एफआईआर दर्ज की गई है।
📋 सुरक्षा के घेरे में रहेंगे लखनऊ के ये 31 बिजली उपकेंद्र: देखिए सभी चारों जोनों की पूरी लिस्ट
प्रशासन द्वारा चिन्हित किए गए लखनऊ के निम्नलिखित संवेदनशील उपकेंद्रों पर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या सरकारी काम में बाधा को रोका जा सके:
🏙️ गोमती नगर जोन: लौलाई, शिवपुरी, सेक्टर-5, सेक्टर-14 ओल्ड और कल्याणपुर उपकेंद्र।
🏭 अमौसी जोन: उतरेटिया ओल्ड, उतरेटिया न्यू, अंबेडकर विश्वविद्यालय, चंदर नगर, न्यू आलमबाग प्रथम, इन्द्रलोक, एफसीआई, काकोरी, दुबग्गा, शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय, शारदा नगर, गोसाईगंज और मोहनलालगंज ओल्ड उपकेंद्र।
🏛️ लखनऊ मध्य (सेंट्रल) जोन: आरडीएसओ, राजाजीपुरम न्यू, अपट्रान, नूरबाड़ी स्विचिंग, आजाद नगर, चौपटिया, मेहताब बाग, अमीनाबाद ओल्ड, जीटीआई और अर्जुनगंज उपकेंद्र।
🏢 जानकीपुरम जोन: फैजुल्लागंज, अहिबरनपुर, प्रियदर्शिनी और न्यू कैंपस उपकेंद्र।
लखनऊ के पीजीआई थाने में स्थानीय पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए करीब 150 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने, सरेआम अराजकता फैलाने, यातायात बाधित करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।📹 वीडियो फुटेज के आधार पर 150 अज्ञात उपद्रवियों पर FIR: इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह बोले—कानून हाथ में लेने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
थाना पुलिस ने बताया कि मौके पर की गई वीडियोग्राफी और आसपास के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। पीजीआई थाना इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि मामले की गहन छानबीन चल रही है और साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारियां की जाएंगी। जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि बिजली संकट के बीच यदि किसी ने भी कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने या सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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