गाजियाबाद के मुरादनगर में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का सपना देखने वाले 24 वर्षीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में चिराग के ही पुराने दोस्त और पैरा खिलाड़ी यश खटीक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
🔫 शिकायत बनी हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपी यश खटीक ने चौंकाने वाला खुलासा किया। यश और चिराग स्कूल के दिनों से ही साथ में ‘ब्लाइंड कैटेगरी’ में एथलेटिक्स की प्रैक्टिस करते थे। कुछ समय पहले एक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान चिराग ने यश के खिलाफ शिकायत कर दी थी, जिसके चलते यश का क्वालिफिकेशन रद्द हो गया और उसे खेल प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा। इसी पुराने विवाद का बदला लेने के लिए यश ने चिराग की हत्या की साजिश रची।
🇯🇵 जापान जाने का टूटा सपना
चिराग त्यागी देश के उभरते हुए पैरा खिलाड़ियों में से एक थे। महज दो दिन पहले ही उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीतकर अपना नाम रोशन किया था। उनकी इस शानदार उपलब्धि के बाद उनका चयन इसी साल अक्टूबर में जापान में होने वाले ‘पैरा एशियन गेम्स’ के लिए हुआ था। जहाँ उनके परिवार में जश्न का माहौल था, वहीं इस नृशंस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया है।
संपादकीय टिप्पणी: खेल की भावना प्रतिस्पर्धा में होनी चाहिए, न कि ईर्ष्या और हिंसा में। चिराग त्यागी जैसे होनहार एथलीट का जाना देश के लिए बड़ी क्षति है। क्या आपको लगता है कि एथलीट्स के बीच बढ़ते विवादों को सुलझाने के लिए खेल संस्थाओं में बेहतर काउंसलिंग सिस्टम की जरूरत है? अपने विचार नीचे साझा करें।
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