मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने राज्य के हजारों कर्मचारियों के लिए एक क्रांतिकारी फैसला लिया है। सरकार ने दशकों पुरानी ठेकेदारी रोजगार प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब सरकारी विभागों में 65,000 से अधिक कामगारों को सीधे सरकार के अधीन लाकर उन्हें रोजगार सुरक्षा और सम्मान प्रदान करने का रास्ता साफ कर दिया गया है।
📋 ठेकेदारी प्रथा का अंत और सीधी भर्ती
पंजाब मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल बिल, 2026’ और ‘पंजाब कॉन्ट्रैक्टुअल पर्सनल बिल, 2026’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि निजी ठेकेदारों की भूमिका खत्म होने से बिचौलियों का कमीशन बंद होगा और पूरा मेहनताना सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में जाएगा। 51 विभागों के 65,048 कामगार इस सुधार के दायरे में हैं।
⚖️ ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्टुअल एंगेजमेंट के नियम
नई नीति के अनुसार:
ग्रुप-सी और डी: 5 साल की निरंतर सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी सरकारी ठेके के अधीन आएंगे।
जोखिम वाली ड्यूटी: जोखिम भरे कार्यों में लगे कर्मचारी 3 साल की सेवा के बाद ही योग्य हो जाएंगे।
रेगुलर होने का रास्ता: सरकारी ठेके पर 10 साल की सेवा पूरी करने के बाद कर्मचारियों को रेगुलर कैडर में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
इस सुधार का सबसे अधिक लाभ बिजली विभाग (15,753 कर्मचारी), स्थानीय सरकार विभाग (8,436), सहकारी संस्थाओं (8,373), स्कूल शिक्षा (7,704) और परिवहन विभाग (4,746) के कर्मचारियों को मिलेगा। इसके अलावा स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, कृषि, जेल और तकनीकी शिक्षा विभाग के हजारों कर्मचारी भी सीधे सरकार के अधीन आएंगे।⚡ किन विभागों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
🛡️ कर्मचारियों की सुरक्षा और पारदर्शिता
नई प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। अब किसी भी कर्मचारी को बिना लिखित कारण बताए और सुनवाई का मौका दिए बिना हटाया नहीं जा सकेगा। सभी कर्मचारी बायोमेट्रिक हाजिरी और आई.एच.आर.एम.एस. (IHRMS) प्रणाली से जुड़ेंगे। मंत्रिमंडल की मंजूरी के 45 दिनों के भीतर इस प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू कर दिया जाएगा।
💼 डी.ए. और पेंशन बकाए के लिए नई कैबिनेट सब-कमेटी
मंत्रिमंडल ने संशोधित वेतन, पेंशन और 1 जुलाई 2021 से 31 मार्च 2024 तक के बकाया डी.ए. (DA) की जांच के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में एक कैबिनेट सब-कमेटी के पुनर्गठन को मंजूरी दी है। यह कमेटी कर्मचारियों के वित्तीय लाभों और महंगाई भत्ते से जुड़े सभी मुद्दों का अध्ययन करेगी।
⚖️ भ्रष्टाचार के खिलाफ 7 विशेष अदालतों का गठन
भ्रष्टाचार के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए पंजाब में 7 विशेष अदालतें स्थापित की जाएंगी। एस.ए.एस.नगर में तीन, तथा जालंधर, लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में एक-एक अदालत होगी। इसके साथ ही उच्च न्यायिक अधिकारियों के करियर और तरक्की के लिए ‘पंजाब सुपीरियर जुडिशियल सर्विस रूल्स’ में भी संशोधन को मंजूरी दी गई है।
संपादकीय टिप्पणी: ठेकेदारी प्रथा का अंत पंजाब के लाखों परिवारों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। क्या आपको लगता है कि अन्य राज्यों को भी पंजाब के इस मॉडल को अपनाना चाहिए? अपने विचार नीचे कमेंट्स में साझा करें।
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