जिला जेल में नशा मिलने के मामले में एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। टीम ने इस मामले से जुड़े आठवें आरोपित को काबू कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि पकड़ा गया आरोपित कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि खुद जिला जेल का हेड वार्डर है। वह अपनी जुराबों में नशीली गोलियां छिपाकर जेल के अंदर ले जाता था। फिलहाल यह आरोपित जिला जेल की कालोनी में ही रह रहा था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया और दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज उप निरीक्षक हिम्मत सिंह के अनुसार, इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद रामनगर थाना में 28 नवंबर 2025 को एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) व 42 प्रिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तार किए गए आरोपित की पहचान सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सोनीपत के गांव मलिकपुर का रहने वाला है। वर्तमान में वह करनाल के क्वार्टर जेल कालोनी में रह रहा था और जिला जेल में हेड जेल वार्डर के पद पर तैनात था। पुलिस पूछताछ में आरोपी हेड वार्डर सुनील कुमार ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि जल्द अमीर बनने के लालच में वह लंबे समय से जिला जेल के भीतर नशे की गोलियां सप्लाई कर रहा था। जेल में बंद पुराने कैदियों के साथ उसके सीधे संपर्क थे। जेल के अंदर नशा पहुंचाने के लिए कैदियों के जानकार बाहर से इस वार्डर से संपर्क करते थे और उसे नशीली सामग्री सौंपते थे, जिसे वह बड़ी चालाकी से अपनी जुराब में छिपाकर सुरक्षा जांच के पार ले जाता था। पुलिस अब रिमांड के दौरान इससे जुड़े अन्य नेटवर्क का पता लगा रही है।
📋 रामनगर थाने में दर्ज था केस: सोनीपत का रहने वाला है आरोपी
💰 जल्द अमीर बनने की चाहत: पुराने कैदियों से मिलकर बनाया नेटवर्क
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जिला जेल में नशा मिलने के मामले में एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। टीम ने इस मामले से जुड़े आठवें आरोपित को काबू कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि पकड़ा गया आरोपित कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि खुद जिला जेल का हेड वार्डर है। वह अपनी जुराबों में नशीली गोलियां छिपाकर जेल के अंदर ले जाता था। फिलहाल यह आरोपित जिला जेल की कालोनी में ही रह रहा था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया और दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
📋 रामनगर थाने में दर्ज था केस: सोनीपत का रहने वाला है आरोपी
एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज उप निरीक्षक हिम्मत सिंह के अनुसार, इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद रामनगर थाना में 28 नवंबर 2025 को एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) व 42 प्रिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तार किए गए आरोपित की पहचान सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सोनीपत के गांव मलिकपुर का रहने वाला है। वर्तमान में वह करनाल के क्वार्टर जेल कालोनी में रह रहा था और जिला जेल में हेड जेल वार्डर के पद पर तैनात था।
💰 जल्द अमीर बनने की चाहत: पुराने कैदियों से मिलकर बनाया नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में आरोपी हेड वार्डर सुनील कुमार ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि जल्द अमीर बनने के लालच में वह लंबे समय से जिला जेल के भीतर नशे की गोलियां सप्लाई कर रहा था। जेल में बंद पुराने कैदियों के साथ उसके सीधे संपर्क थे। जेल के अंदर नशा पहुंचाने के लिए कैदियों के जानकार बाहर से इस वार्डर से संपर्क करते थे और उसे नशीली सामग्री सौंपते थे, जिसे वह बड़ी चालाकी से अपनी जुराब में छिपाकर सुरक्षा जांच के पार ले जाता था। पुलिस अब रिमांड के दौरान इससे जुड़े अन्य नेटवर्क का पता लगा रही है।


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