कैथल में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए HDFC बैंक की एक महिला एजेंट मुकेश रानी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। महिला अधिकारी एक डेथ क्लेम सेटलमेंट और लोन माफी की एवज में शिकायतकर्ता से 80 हजार रुपये की मांग कर रही थी, जिसे बाद में 60 हजार रुपये में सेटल किया गया। विजिलेंस के पास शिकायत पहुँचने के बाद टीम ने कलायत अनाज मंडी के पास कार्रवाई करते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया।
🕵️♂️ क्या था पूरा मामला और शिकायत?
कैथल एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय से इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि कलायत के रहने वाले युवक रमन ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। रमन ने आरोप लगाया कि उसके पिता की मृत्यु के बाद, वह बैंक लोन और डेथ क्लेम सेटलमेंट के नाम पर एनओसी (NOC) लेने के लिए महिला कर्मचारी से मिला था। महिला कर्मचारी ने युवक को आश्वासन दिया कि वह उसके पैसे दिलवा देगी, लेकिन इसके बदले उसे कुल राशि का 10% कमीशन देना होगा। युवक ने इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी तैयार कर ली थी और इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी।
💸 ACB ने कैसे बिछाया जाल?
शिकायत के आधार पर एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। टीम ने कलायत की अनाज मंडी के बाहर एक चाय की दुकान पर महिला को पैसे लेने के लिए बुलाया। जैसे ही महिला ने रिश्वत की राशि (60,000 रुपये) अपने हाथ में ली, टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह खबर आपको कैसी लगी?


हरियाणा




























