एमसीबी: छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित पांच नए मेडिकल कॉलेजों को लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा जताई गई आपत्तियों ने प्रदेश में राजनीतिक बहस छेड़ दी है। इस मामले पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और सरकार इसी शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू करने के लिए संकल्पित है।
🚧 आपत्तियों पर तेजी से काम जारी
मंत्री जायसवाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के लिए समय पर आवेदन किए गए थे। चूंकि भवन और संबंधित अस्पताल अभी निर्माणाधीन हैं, इसलिए NMC की गाइडलाइन के अनुसार कुछ तकनीकी आपत्तियां सामने आई हैं। सरकार ने इन आपत्तियों को दूर करने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारत सरकार और NMC के सभी निर्धारित मानकों को जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
🔥 विपक्ष पर पलटवार: ‘राजनीति न करे कांग्रेस’
कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विपक्ष को जशपुर और मनेन्द्रगढ़ जैसे दूरस्थ इलाकों में मेडिकल कॉलेज खुलने का स्वागत करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या विपक्ष नहीं चाहता कि इन पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं को डॉक्टर बनने का मौका मिले? उन्होंने कांग्रेस को नसीहत दी कि “अभी मैच खत्म नहीं हुआ है”, हमारे पास 15 दिनों का समय है और हम सभी आपत्तियों का समाधान निकाल लेंगे।
📈 स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
मंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पहले जहां स्वास्थ्य सुविधाएं मात्र 30 बिस्तरों तक सीमित थीं, उन्हें अब 220 बिस्तरों वाले अस्पतालों में तब्दील किया गया है। सरकार का उद्देश्य केवल इमारतें खड़ी करना नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों में विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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