चंडीगढ़: आई.डी.एफ.सी. (IDFC) फर्स्ट बैंक से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एजेंसी ने दो अलग-अलग मामलों में चार्जशीट दाखिल की हैं—पहला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों से संबंधित है और दूसरा चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से। जांच एजेंसी के अनुसार, यह घोटाला 250 करोड़ रुपये से भी अधिक का है, जिसमें कई सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत सामने आई है।
⚖️ सावन ज्वैलर्स और बिल्डर पर कसा शिकंजा
सी.बी.आई. ने पंचकूला स्थित विशेष अदालत में दाखिल दूसरी चार्जशीट में सावन ज्वैलर्स के मालिक राजन कटौदिया और बिल्डर विक्रम वाधवा को मुख्य रूप से आरोपी बनाया है। जांच में खुलासा हुआ है कि सावन ज्वैलर्स का इस्तेमाल बैंकिंग लेन-देन के बदले कैश उपलब्ध कराने और गबन की राशि को ठिकाने लगाने के लिए किया गया था। वहीं, विक्रम वाधवा को इस पूरे घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है, जिसने अवैध कमाई को अपनी शेल कंपनियों और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया।
🏙️ चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) घोटाला
सी.बी.आई. ने चंडीगढ़ की विशेष कोर्ट में स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की है। इसमें कुल 7 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें 5 बैंक अधिकारी, सी.एस.सी.एल. का एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल है। एजेंसी का दावा है कि इन सभी की मिलीभगत से सरकारी धन का बड़े स्तर पर दुरुपयोग किया गया।
🔎 आई.ए.एस. अधिकारियों पर जांच जारी, तीसरी चार्जशीट का इंतजार
घोटाले की जांच का दायरा अब बड़े प्रशासनिक पदों तक पहुंच गया है। एजेंसी इस मामले में हरियाणा के 8 आई.ए.एस. (IAS) अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। इनमें से 3 अधिकारियों के आवासों पर सीबीआई पहले ही छापेमारी कर चुकी है, जबकि अन्य से पूछताछ का सिलसिला जारी है। सी.बी.आई. ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर भविष्य में तीसरी चार्जशीट दाखिल की जाएगी, जिसमें और भी कई बड़े चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं।
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