झारखंड: राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) ने राज्यभर में भारी तबाही मचाई है। बिजली की चपेट में आने से प्रदेश में 8 लोगों की असमय मौत हो गई है, जबकि 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
⛈️ वज्रपात ने ली कई जिंदगियां
राज्य के विभिन्न जिलों से आई रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में अधिकांश वे लोग शामिल थे जो बारिश के दौरान खेतों में काम कर रहे थे या खुले में थे।
रांची: पिठोरिया क्षेत्र में जीतू महली और निरशो देवी की खेत में काम करने के दौरान मौत हुई।
गढ़वा: खरौंधी में रीना देवी और केतार में राम अवतार पाल की जान गई।
अन्य जिले: चतरा में गीता देवी, सरायकेला में संजय देवगन, जामताड़ा में एक 10 वर्षीय बालक और गिरिडीह में 12 वर्षीय विशाल कुमार की वज्रपात से दर्दनाक मौत हो गई।
मौसम विभाग ने एहतियात के तौर पर रविवार और सोमवार के लिए रांची, बोकारो, धनबाद, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, गोड्डा, लोहरदगा, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के लिए बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण न लें और पक्के मकानों या सुरक्षित स्थानों पर रहें।⚠️ मौसम विभाग का येलो अलर्ट
🛡️ आपदा से बचाव के लिए निर्देश
प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यदि आप बाहर हैं और गर्जना सुनाई दे, तो तुरंत किसी सुरक्षित इमारत में जाएं। बिजली के खंभों, मोबाइल टावर या ऊंचे पेड़ों से दूर रहें। राज्य सरकार और जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का प्रयास कर रहा है, लेकिन आकाशीय बिजली से हुई इन मौतों ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है।
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