पलामू: जिले में बढ़ते अपराध और आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए पलामू पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब पुलिस ने पारंपरिक गश्त के बजाय एक नई ‘स्पेशल टीम’ रणनीति अपनाई है। इस योजना के तहत कई थानों को मिलाकर एक संयुक्त टीम बनाई गई है, जो चिन्हित इलाकों को पूरी तरह से ‘सेनीटाइज’ करेगी और हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखेगी।
🛡️ क्या है ‘स्पेशल एंटी-क्राइम’ टीम की कार्यप्रणाली?
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि एंटी-क्राइम चेकिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तीन से चार थानों के जवानों को जोड़कर एक संयुक्त टीम का निर्माण किया गया है। यह टीम एक साथ पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन और एंटी-क्राइम चेकिंग चलाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य अवैध हथियारों, नशीले पदार्थों और गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों को जड़ से खत्म करना है।
📍 सुरक्षा के नए आयाम: 5 स्थायी पॉइंट और QR कोड पुलिसिंग
अपराध मुक्त पलामू के लिए पुलिस ने कई अन्य महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं:
स्थायी चेकिंग पॉइंट: मेदिनीनगर शहर की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए 5 स्थायी चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं, जहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
QR कोड पुलिसिंग: शहर में अड्डाबाजी और उपद्रव करने वालों पर लगाम लगाने के लिए ‘QR कोड पुलिसिंग’ की शुरुआत की गई है, जिससे पुलिसिंग व्यवस्था को डिजिटल और अधिक जवाबदेह बनाया गया है।
प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर की पुलिसिंग को आधुनिक और मजबूत करने की यह कोशिश क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि अपराध-रोधी जांच अभियान अब निरंतर और अधिक आक्रामक तरीके से चलाया जाएगा, ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस करे।⚖️ अपराध नियंत्रण की नई पहल
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