मुंबई/हरिद्वार (अनिल बेदाग)। पवित्र शहर हरिद्वार ने एक बार फिर आध्यात्मिक इतिहास के सुनहरे पन्नों में अपना नाम दर्ज कर लिया है। गंगा के तट पर श्री साईं शिव गंगा धाम में दुनिया के 5,211 किलोग्राम वजनी विशाल पारद शिवलिंग की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ केवल एक धार्मिक समारोह नहीं था, बल्कि आस्था, भक्ति और मानव कल्याण का एक भव्य संगम था। गूंजते वैदिक मंत्रों, पूजनीय संतों के आशीर्वाद और हजारों भक्तों की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक दिव्य उत्सव में बदल दिया।
🙏 हजारों भक्तों और संतों के साथ आध्यात्मिक समागम
तीन दिवसीय इस भव्य समारोह में देशभर से 2,000 से अधिक भक्तों, आध्यात्मिक साधकों और संतों ने भाग लिया, जिससे यह अपार ऊर्जा के एक आध्यात्मिक समागम में बदल गया। गुरु गोरखनाथ परंपरा, गिरनार के पूजनीय पीर योगी महंत सोमनाथ बापू के आशीर्वाद और पद्म भूषण डॉ. विजय भटकर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करना था, बल्कि विश्व शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मानव कल्याण का संदेश फैलाना भी था।
🔬 10 साल की तपस्या और पारद विज्ञान का अनूठा संगम
इस असाधारण पारद शिवलिंग के निर्माण के पीछे मेडिटेशन गुरु रघुनाथ गुरुजी की लगभग एक दशक की तपस्या, शोध और पारद (पारा) विज्ञान का गहन अध्ययन छिपा है। पारा, चांदी, सोना और 108 प्रकार की जड़ी-बूटियों के अर्क से निर्मित, इस शिवलिंग को आध्यात्मिक विज्ञान और भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का एक अनूठा उदाहरण माना जा रहा है। रघुनाथ गुरुजी के अनुसार, यह शिवलिंग केवल पूजा का केंद्र नहीं है, बल्कि ध्यान, आत्म-चिंतन और चेतना जागृत करने का एक माध्यम है, जो सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
✨ प्रख्यात संतों और विशिष्ट हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
कई प्रख्यात संतों और आध्यात्मिक गुरुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन के महत्व को और भी बढ़ा दिया। उपस्थित लोगों में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामीजी महाराज, श्री सुधांशु जी महाराज, स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज, स्वामी रवींद्र पुरी जी महाराज, साध्वी ऋतंभरा जी, आचार्य मनीष जी और कई अन्य आध्यात्मिक दिग्गज शामिल थे। सांसद राघव चड्ढा, गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम और अन्य विशिष्ट हस्तियों की भागीदारी ने इस अवसर में सामाजिक और राष्ट्रीय आयाम भी जोड़ दिए।
🤝 उद्योगपति राजीव बंसल का महत्वपूर्ण योगदान
इस भव्य आयोजन की सफलता में उद्योगपति और परोपकारी राजीव बंसल का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके समर्पण और सक्रिय भागीदारी ने व्यवस्थाओं के समन्वय और प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई। इस अवसर को साईं बाबा का आशीर्वाद बताते हुए राजीव बंसल ने कहा कि इस ईश्वरीय प्रयास का हिस्सा बनना उनके लिए एक सौभाग्य और सेवा का अवसर है।
🌍 समाज कल्याण और सशक्तिकरण के प्रति रघुनाथ गुरुजी का समर्पण
मेडिटेशन गुरु रघुनाथ गुरुजी का कार्य आध्यात्मिक गतिविधियों से कहीं आगे तक फैला हुआ है। वह दिव्यांग व्यक्तियों को सशक्त बनाने, महिला किसानों का समर्थन करने, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार-संचालित सामाजिक अभियानों से संबंधित पहलों में सक्रिय रूप से शामिल हैं। ‘दिव्यांग इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ के माध्यम से दिव्यांगों को स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने के उनके प्रयास समाज कल्याण के प्रति उनकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
🕊️ विश्व शांति और मानवता के संदेश के साथ समारोह का समापन
समारोह का समापन इस संदेश के साथ हुआ: “ध्यान से शांति आती है, शांति से सद्भाव आता है, और सद्भाव से विश्व का कल्याण होता है।” भक्तों ने इस आयोजन को केवल एक धार्मिक सभा के रूप में नहीं, बल्कि मानवता, सामाजिक सद्भाव और वैश्विक कल्याण की दिशा में एक प्रेरक आंदोलन के रूप में अनुभव किया। हरिद्वार में हुई यह ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा आने वाले वर्षों में आस्था, आध्यात्मिक साधना और सकारात्मक चेतना की यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद की जाएगी।
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