नई दिल्ली: दिल्ली और आसपास के राज्यों में सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद से संचालित एक कॉल सेंटर के जरिए ISI से जुड़े हैंडलर शहजाद भट्टी ने ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (TTH) के नाम पर एक 8 सदस्यीय आतंकी मॉड्यूल तैयार किया था। स्पेशल सेल की कार्रवाई में सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
🎯 पुलिसकर्मियों की रेकी और हत्या की साजिश
जांच में सामने आया है कि इन आतंकियों को दिल्ली-NCR में पुलिस थानों और सुरक्षाकर्मियों की रेकी करने के काम पर लगाया गया था। आरोपियों ने टीटीएच (TTH) के समर्थन में दीवारों पर ग्रैफिटी बनाई और भड़काऊ पोस्टर चिपकाए। इनके पास से 5 अवैध पिस्तौल, 10 जिंदा कारतूस, आबिद जट्ट के पोस्टर और पुलिसकर्मियों को धमकाने वाले वीडियो बरामद हुए हैं।
👥 आरोपियों का नेटवर्क और उनकी भूमिकाएं
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मोहम्मद कैफ (नूंह): पुलिसकर्मियों की हत्या और थानों की रेकी का मुख्य जिम्मा इसे सौंपा गया था।
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मोहम्मद रिहान (मेरठ): इसे पुलिसकर्मियों पर फायरिंग के लिए 3 लाख रुपये का लालच दिया गया था।
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सोनू मीणा और सचिन मीणा: ये दोनों नेटवर्क के लिए हथियार जुटाने और फंडिंग का काम करते थे।
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सोहेल (फरीदाबाद): इसने दिल्ली-NCR में TTH की ग्रैफिटी बनाई और पाकिस्तान हैंडलर को वीडियो भेजे।
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सोयब, अनमोल राय और रवि कश्यप: ये तीनों पहले गिरफ्तार किए गए थे, जो पुलिसकर्मियों को धमकाने वाले वीडियो बनाने और पोस्टर चिपकाने में सक्रिय थे।
🌐 ISI मॉड्यूल: सोशल मीडिया के जरिए भर्ती
एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स ने इन युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए फंसाया। उन्हें आपराधिक गतिविधियों और आतंकी हमले करने के बदले रुपयों का लालच दिया गया था। आबिद जट्ट के पोस्टर लगाने और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के निर्देश सीधे सीमा पार से मिल रहे थे। स्पेशल सेल अब इस पूरे नेटवर्क और फंडिंग सोर्स की गहन जांच कर रही है।
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