नोएडा: उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाले ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ से आज से व्यावसायिक उड़ानें शुरू हो गई हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू की मौजूदगी में लखनऊ से आई इंडिगो की पहली शेड्यूल्ड फ्लाइट (6E-2278) की सफल लैंडिंग हुई। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन किसानों को विशेष सम्मान दिया गया, जिन्होंने जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी जमीन का त्याग किया। 170 किसानों का एक विशेष समूह लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा।
🏗️ भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक का संगम
नोएडा एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आधुनिकता का अद्भुत मेल है। इसके टर्मिनल में यात्रियों को वाराणसी के गंगा घाटों और उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत की झलक मिलेगी। एयरपोर्ट के डिजाइन में भारतीय वास्तुकला, पर्यावरण संरक्षण और अत्याधुनिक सुविधाओं का विशेष समन्वय किया गया है।
📱 ‘डिजी यात्रा’ से सफर होगा आसान
यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव देने के लिए यहाँ ‘डिजी यात्रा’ जैसी डिजिटल तकनीक अपनाई गई है, जहाँ यात्री का चेहरा ही बोर्डिंग पास का काम करेगा। इससे चेक-इन और बोर्डिंग की प्रक्रिया बेहद तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। इसके अलावा, एयरपोर्ट पर हाई-स्पीड एक्सीलेटर, आधुनिक बैगेज सिस्टम और सुरक्षा के लिए एआई (AI) आधारित निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है।
📅 उड़ान का शेड्यूल और कनेक्टिविटी
15 जून से लखनऊ-नोएडा रूट पर सेवा शुरू होने के बाद, 1 जुलाई 2026 से इस मार्ग पर नियमित उड़ानें संचालित होंगी। लखनऊ और नोएडा के बीच हवाई सफर मात्र 1 घंटे का होगा। इंडिगो की फ्लाइट सुबह लखनऊ से रवाना होकर नोएडा पहुंचेगी और फिर बेंगलुरु के लिए प्रस्थान करेगी।
🌱 सुरक्षा और ग्रीन एनर्जी पर विशेष जोर
नोएडा एयरपोर्ट सुरक्षा के लिहाज से बेहद मजबूत है, जहाँ सीआईएसएफ और यूपी पुलिस के साथ मिलकर त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए, एयरपोर्ट अपनी 50% बिजली की जरूरतें सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से पूरी करेगा, जो इसे भारत के सबसे हरित (Green) हवाई अड्डों में से एक बनाता है।
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