गुरदासपुर (पंजाब): कस्बा धारीवाल में गैर-मानक (अमानक/नकली) खाद बेचकर भोले-भाले किसानों को ठगने और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने कड़ा कानूनी शिकंजा कसा है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग गुरदासपुर के सख्त निर्देशों के बाद धारीवाल थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अनधिकृत गोदामों के जरिए गुणवत्ताहीन खाद को ब्रांडेड बताकर किसानों में खपाया जा रहा है, जिसके बाद संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इस गोरखधंधे का पर्दाफाश किया।
📋 खाद इंस्पेक्टर की शिकायत पर हुई कार्रवाई: सेल्समैन और प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नामजद
जांच का विवरण और दर्ज आरोपियों के नाम:
विभागीय शिकायत: यह कार्रवाई खाद इंस्पेक्टर-कम-कृषि विकास अधिकारी (ADO), ब्लॉक धारीवाल द्वारा दी गई औपचारिक जांच रिपोर्ट और लिखित तहरीर के आधार पर अमल में लाई गई है।
अवैध भंडारण और वितरण: आरोपियों पर कथित तौर पर एक बिना लाइसेंस वाले अनधिकृत गोदाम में गैर-मानक खाद को भारी मात्रा में स्टॉक करने, अवैध रूप से बेचने और किसानों को भ्रमित कर आपूर्ति करने के गंभीर आरोप हैं।
नामजद अभियुक्त: जांच अधिकारी (IO) रछपाल सिंह के अनुसार, मामले में राकेश कुमार (जो एक केमिकल्स फर्म में बतौर सेल्समैन कार्यरत है), एक निजी उर्वरक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी तथा धारीवाल निवासी योगेश कुमार को मुख्य आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है।
साजिश की कार्यप्रणाली और प्रभाव:⚠️ सोची-समझी साजिश के तहत किसानों से ठगी: सरकारी राजस्व को भी पहुंचाया नुकसान
गुणवत्ताहीन खाद की सप्लाई: शिकायत के मुताबिक, सोची-समझी साजिश के तहत मानकों पर खरी न उतरने वाली खाद को बाजार में प्रचलित ब्रांड्स के समानांतर अवैध गोदाम में छिपाकर रखा गया था।
किसानों को भारी चपत: यह नकली खाद बाजार भाव पर किसानों को बेची जा रही थी, जिससे न केवल किसानों की फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ा, बल्कि उनकी गाढ़ी कमाई भी ठगी गई।
राजस्व को क्षति: बिना बिल और फर्जी बिलिंग के जरिए अनधिकृत व्यापार चलाकर सरकारी टैक्स और राजस्व को भी सीधे तौर पर चपत लगाई जा रही थी।
आगामी पुलिसिया कार्रवाई और अधिकारियों का रुख:⚖️ पुलिस ने शुरू की गहन तफ्तीश: जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी अगली कानूनी कार्रवाई
साक्ष्यों का संकलन: धारीवाल पुलिस ने खाद नियंत्रण आदेश (FCO) और आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर गोदाम से दस्तावेज व स्टॉक रजिस्टर जब्त कर लिए हैं।
सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल: पुलिस अधिकारी रछपाल सिंह ने बताया कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध खाद की मुख्य खेप कहां से तैयार होकर आ रही थी और इसके वितरण नेटवर्क में अन्य कौन-कौन से डीलर शामिल हैं।
कड़ी कार्रवाई का आश्वासन: अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी अतिरिक्त तथ्य और नाम सामने आएंगे, उनके आधार पर बिना किसी रियायत के सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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