रांची: देश भर में चल रही विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार हो रहे कथित हमलों के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) पूरी तरह मुखर नजर आ रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को झारखंड की राजधानी रांची में एबीवीपी की ओर से एक भव्य ‘छात्र गर्जना’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पूरे आयोजन का मुख्य और केंद्रीय नारा ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र बचाओ’ रखा गया था। इस प्रदर्शन में झारखंड राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में एबीवीपी के समर्पित कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। संगठन ने इस कार्यक्रम के माध्यम से हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित रैली और कुछ अन्य विपक्षी दलों की ओर से लगातार किए जा रहे धरना-प्रदर्शनों पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्र कार्यकर्ताओं ने तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि देश के अंदर कुछ विशेष राजनीतिक ताकतें लगातार ऐसा अस्थिर माहौल गढ़ने का प्रयास कर रही हैं, जिससे हमारी सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और देश की मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। एबीवीपी ने इस प्रवृत्ति को देश की अखंडता, एकता और बुनियादी लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए बेहद चिंताजनक करार दिया है और इसके खिलाफ पूरे देश के युवाओं से एकजुट होकर मुखर आवाज उठाने का आह्वान किया है। इस अवसर पर उपस्थित एबीवीपी की केंद्रीय कार्य समिति की सदस्य दिशा दित्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा से देश को जोड़ने, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने और सदैव राष्ट्रहित में कार्य करने वाला अग्रणी छात्र संगठन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से कुछ असामाजिक और राजनीतिक तत्व देश के अंदर लगातार अराजकता का माहौल पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। ऐसे राष्ट्रविरोधी और भ्रामक प्रयासों का संगठन की ओर से हमेशा कड़ा और करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘छात्र गर्जना’ जैसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था, परंपराओं और संवैधानिक संस्थाओं के सर्वोच्च सम्मान के प्रति जागरूक करना है। अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए दिशा दित्ता ने बल देकर कहा कि विद्यार्थी परिषद का दायरा केवल छात्र कल्याण और शैक्षणिक हितों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठन हर राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दे पर अपनी राष्ट्रव्यापी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभाता है। उन्होंने कहा कि देश की प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखना और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को वैचारिक रूप से और अधिक मजबूत करना हम सबका परम कर्तव्य है। इस भव्य कार्यक्रम में झारखंड के कोने-कोने से पहुंचे हजारों विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। एबीवीपी ने इस सफल आयोजन के माध्यम से राजनीतिक और सामाजिक पटल पर अपनी स्पष्ट बात रखने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को देशहित से जुड़े तमाम मुद्दों पर एकजुट होने का सशक्त संदेश दिया। संगठन का दो टूक कहना है कि हमारे जीवंत लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने और असहमति जताने का अधिकार सबको है, लेकिन इसकी आड़ में देश की संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना और देश की एकता को नजरअंदाज करना कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।एबीवीपी कार्यकर्ताओं का गंभीर आरोप— देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है प्रभावित
दिशा दित्ता का बयान— राष्ट्रहित में काम करने वाला संगठन है एबीवीपी, देश में अराजक माहौल पैदा करने वाले तत्वों को दिया जाएगा कड़ा जवाब
लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना और गरिमा बनाए रखना हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारीः केंद्रीय कार्य समिति सदस्य
देश की एकता और संविधान का सम्मान सर्वोपरि, झारखंडभर से पहुंचे विद्यार्थियों ने एकजुट होकर दिया राष्ट्रहित का मजबूत संदेश
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रांची: देश भर में चल रही विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार हो रहे कथित हमलों के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) पूरी तरह मुखर नजर आ रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को झारखंड की राजधानी रांची में एबीवीपी की ओर से एक भव्य ‘छात्र गर्जना’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पूरे आयोजन का मुख्य और केंद्रीय नारा ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र बचाओ’ रखा गया था। इस प्रदर्शन में झारखंड राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में एबीवीपी के समर्पित कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। संगठन ने इस कार्यक्रम के माध्यम से हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित रैली और कुछ अन्य विपक्षी दलों की ओर से लगातार किए जा रहे धरना-प्रदर्शनों पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का गंभीर आरोप— देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है प्रभावित
कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले छात्र कार्यकर्ताओं ने तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि देश के अंदर कुछ विशेष राजनीतिक ताकतें लगातार ऐसा अस्थिर माहौल गढ़ने का प्रयास कर रही हैं, जिससे हमारी सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और देश की मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। एबीवीपी ने इस प्रवृत्ति को देश की अखंडता, एकता और बुनियादी लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए बेहद चिंताजनक करार दिया है और इसके खिलाफ पूरे देश के युवाओं से एकजुट होकर मुखर आवाज उठाने का आह्वान किया है।
दिशा दित्ता का बयान— राष्ट्रहित में काम करने वाला संगठन है एबीवीपी, देश में अराजक माहौल पैदा करने वाले तत्वों को दिया जाएगा कड़ा जवाब
इस अवसर पर उपस्थित एबीवीपी की केंद्रीय कार्य समिति की सदस्य दिशा दित्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा से देश को जोड़ने, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने और सदैव राष्ट्रहित में कार्य करने वाला अग्रणी छात्र संगठन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से कुछ असामाजिक और राजनीतिक तत्व देश के अंदर लगातार अराजकता का माहौल पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। ऐसे राष्ट्रविरोधी और भ्रामक प्रयासों का संगठन की ओर से हमेशा कड़ा और करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘छात्र गर्जना’ जैसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था, परंपराओं और संवैधानिक संस्थाओं के सर्वोच्च सम्मान के प्रति जागरूक करना है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना और गरिमा बनाए रखना हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारीः केंद्रीय कार्य समिति सदस्य
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए दिशा दित्ता ने बल देकर कहा कि विद्यार्थी परिषद का दायरा केवल छात्र कल्याण और शैक्षणिक हितों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठन हर राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दे पर अपनी राष्ट्रव्यापी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभाता है। उन्होंने कहा कि देश की प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखना और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को वैचारिक रूप से और अधिक मजबूत करना हम सबका परम कर्तव्य है।
देश की एकता और संविधान का सम्मान सर्वोपरि, झारखंडभर से पहुंचे विद्यार्थियों ने एकजुट होकर दिया राष्ट्रहित का मजबूत संदेश
इस भव्य कार्यक्रम में झारखंड के कोने-कोने से पहुंचे हजारों विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। एबीवीपी ने इस सफल आयोजन के माध्यम से राजनीतिक और सामाजिक पटल पर अपनी स्पष्ट बात रखने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को देशहित से जुड़े तमाम मुद्दों पर एकजुट होने का सशक्त संदेश दिया। संगठन का दो टूक कहना है कि हमारे जीवंत लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने और असहमति जताने का अधिकार सबको है, लेकिन इसकी आड़ में देश की संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना और देश की एकता को नजरअंदाज करना कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।


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