अमृतसर: अमृतसर की विश्व प्रसिद्ध पहचान और पंजाब की खान-पान विरासत का अहम हिस्सा ‘अमृतसरी कुलचा’ को अब जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग दिलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस दिशा में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, अमृतसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता पंजाब सरकार के फूड प्रोसेसिंग विभाग के विशेष सचिव संदिप हंस ने की।
🛡️ GI टैग: पहचान और सुरक्षा का प्रतीक
विशेष सचिव संदीप हंस ने स्पष्ट किया कि GI टैग मिलने से अमृतसरी कुलचे को एक विशिष्ट कानूनी दर्जा प्राप्त होगा। इससे न केवल देश-विदेश में इसकी असली पहचान मजबूत होगी, बल्कि इसके नाम पर बिकने वाले नकली उत्पादों को रोकने और असली स्वाद के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना आसान होगा। यह कदम स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों के अधिकारों को भी सुरक्षित करेगा।
🤝 एसोसिएशन का गठन और समन्वय समिति
बैठक में Punjab State Council for Science and Technology (PSCST) की संयुक्त सचिव डॉ. दीपेंद्र कौर बख्शी ने व्यापारियों से जल्द से जल्द एक औपचारिक ‘एसोसिएशन’ गठित करने की अपील की, जो GI टैग के लिए आधिकारिक आवेदन दाखिल करेगी। इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए एक समन्वय समिति बनाई जाएगी, जिसमें शामिल होंगे:
Punjab State Council for Science and Technology
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी का फूड टेक्नोलॉजी विभाग
जिला प्रशासन और फूड प्रोसेसिंग विभाग
जिला प्रशासन ने अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) को इस पूरी प्रक्रिया के लिए ‘नोडल अधिकारी’ नियुक्त किया है। यह पहल अमृतसरी कुलचे की विरासत को संरक्षित करने और इसे वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।🚀 भविष्य की राह
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