कांकेर। कांकेर जिले के आमाबेड़ा थाना क्षेत्र में अपने सगे बड़े भाई की हत्या के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी छोटे भाई को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने एक पारिवारिक विवाद के दौरान बड़े भाई से भरमार बंदूक छीनकर, उसी के बट से उसके सिर पर दो बार वार किया था, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी।
🔫 मोटरसाइकिल के लिए विवाद और फायरिंग: पैर में लगी छर्री तो छीन ली बंदूक
यह सनसनीखेज मामला आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम जंगलपारा गरदा का है। घटना 20 अक्टूबर 2025 की रात करीब 8 बजे की है। जानकारी के अनुसार, आरोपी मंगऊ कावड़े (31) नारायणपुर से लौटकर अपने घर के आंगन में बैठा था। इसी दौरान उसका बड़ा भाई मंगतूराम कावड़े (35) हाथ में भरमार बंदूक लेकर वहां पहुंचा और मोटरसाइकिल नहीं देने की बात को लेकर विवाद करने लगा। बात इतनी बढ़ी कि मंगतूराम ने बंदूक से फायर कर दिया। गोली से निकला लोहे का टुकड़ा (छर्रा) मंगऊ के दाहिने पैर में लगा और वह घायल हो गया।
घायल होने के बाद गुस्से में आगबबूला हुए मंगऊ ने अपने भाई से भरमार बंदूक छीन ली और उसे जमीन पर पटककर तोड़ दिया। इसके बाद उसने उसी टूटी हुई बंदूक के बट से मंगतूराम के सिर पर दो बार जोरदार वार कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण मंगतूराम आंगन में गिर पड़ा और अत्यधिक खून बह जाने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
🚨 मां ने देखा शव तो खुला राज: पुलिस ने गिरफ्तार कर पेश किया चालान
हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने परिवार के किसी भी सदस्य को इसकी भनक नहीं लगने दी। अगले दिन सुबह जब मृतक की मां रजाय बाई ने मंगतूराम को आंगन में खून से लथपथ मृत पड़ा देखा, तब घटना का खुलासा हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी मंगऊ ने गुस्से में बंदूक के बट से हमला करने की बात स्वीकार कर ली।
इसके बाद आमाबेड़ा थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला कायम किया और आरोपी मंगऊ को 30 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद प्रधान सत्र न्यायाधीश संजीव टामक की अदालत में अभियोग पत्र (चालान) पेश किया।
🏛️ अदालत का फैसला: 16 गवाहों के साक्ष्य पर उम्रकैद और जुर्माना
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता ईश्वरलाल साहू ने पैरवी की। उन्होंने अदालत के समक्ष 16 महत्वपूर्ण गवाहों का परीक्षण और प्रतिपरीक्षण कराया। साथ ही घटना से जुड़े सभी पुख्ता दस्तावेज एवं जप्ती सामग्री (टूटी हुई बंदूक का बट आदि) प्रस्तुत की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, अदालत ने आरोपी मंगऊ कावड़े को हत्या का पूर्ण रूप से दोषी ठहराया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 1 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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