दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा में हुई अनियमितताओं के विरोध में राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर छात्र आंदोलन का केंद्र बन गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आंदोलन की अगुवाई पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके कर रहे हैं, जो विशेष रूप से इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका से दिल्ली पहुंचे हैं। इस आंदोलन को शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है।
🤝 सोनम वांगचुक का साथ और विपक्षी दलों का समर्थन: राष्ट्रीय स्तर पर उठा छात्रों का मुद्दा
इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात इसमें प्रख्यात शिक्षा सुधारक, इंजीनियर और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की उपस्थिति रही। उन्होंने छात्रों के इस आंदोलन में शामिल होकर इसे अपनी नैतिक शक्ति प्रदान की है। छात्र आंदोलन अब धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्वरूप ले रहा है, जिसे अब मुख्यधारा के विपक्षी दलों का भी साथ मिलने लगा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ पत्रकार सागरिका घोष ने इस प्रदर्शन को अपना खुला समर्थन दिया है।
📱 सोशल मीडिया पर गूंज: सांसद सागरिका घोष का मिला साथ
सांसद सागरिका घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए लिखा— “मेरी तरफ से आपको ढेरों शुभकामनाएं और पूरा समर्थन। इस सही लड़ाई को इसी तरह आगे बढ़ाते रहिए!” टीएमसी सांसद के इस खुला समर्थन के बाद नीट विवाद को लेकर छात्रों का मनोबल और भी बढ़ा है। फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है, जिससे केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है।


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