दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में ‘फ्लरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट’ होटल में हुई भीषण अग्निकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल के रसोइये, केशव नेगी को गिरफ्तार कर लिया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि रसोइये की लापरवाही ही आग लगने का मुख्य कारण हो सकती है। यह घटना बुधवार सुबह हुई थी, जिसमें 16 वर्षीय किशोरी सहित कुल 21 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे।
🚧 अवैध निर्माण और सुरक्षा की अनदेखी: 6 कमरों की अनुमति, बनाए गए थे 28 कमरे
प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि होटल प्रबंधन ने नियमों को ताक पर रखकर होटल चलाया था। प्राथमिकी के अनुसार, होटल को केवल 6 कमरों के संचालन की अनुमति थी, लेकिन वहां 28 कमरे बना लिए गए थे। बचाव कार्य के दौरान दमकलकर्मियों ने पाया कि बेसमेंट का प्रवेश द्वार बंद था, जिसे उन्हें काटकर खोलना पड़ा। होटल के अंदर अग्निशामक यंत्र तो थे, लेकिन आपात स्थिति में उनका उपयोग नहीं किया गया, जो प्रबंधन की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
🔍 फरार अकाउंटेंट की तलाश जारी: पुलिस की टीमें बिहार रवाना
पुलिस अब इस पूरे मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज के सहयोगी और अकाउंटेंट जय मिश्रा की तलाश कर रही है, जो घटना के बाद से ही फरार है। दस्तावेजों में मिश्रा का नाम सामने आने के बाद उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। उसे पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जिसमें एक टीम उसके गृह राज्य बिहार भी भेजी गई है।
☠️ मौत की असली वजह: जलने से नहीं, दम घुटने से हुई अधिकांश मौतें
फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से जले हुए बिजली के तारों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के नमूने एकत्र किए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकांश लोगों की मौत आग की लपटों से नहीं, बल्कि कमरे में फैले जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से हुई है। पुलिस अब शॉर्ट सर्किट और बिजली के अत्यधिक लोड (ओवरलोडिंग) जैसे तकनीकी पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है ताकि घटना की पूरी कड़ी को जोड़कर दोषियों की जवाबदेही तय की जा सके।
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