दिल्ली में शनिवार (10 अक्टूबर) को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। इसका सीधा असर यातायात, दिल्ली मेट्रो और रेलवे सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन के सात प्रमुख स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा, फरीदाबाद में दिल्ली बॉर्डर सहित अन्य जिलों और राज्यों से लगने वाले आठ संवेदनशील स्थानों पर पुलिस ने कड़े नाके लगाकर वाहनों की गहन जांच शुरू कर दी है। दिल्ली जाने वाले कुछ वाहनों और युवाओं को वापस लौटाए जाने की भी सूचना है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
🚆 फरीदाबाद से गुजरने वाली सात ट्रेनें रद्द
इस हाई-वोल्टेज प्रदर्शन और सुरक्षा प्रबंधों के चलते फरीदाबाद से होकर गुजरने वाली सात प्रमुख ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है:
इंदौर – नई दिल्ली (12415 / 12416) अप और डाउन दोनों सेवाएं।
जबलपुर – हजरत निजामुद्दीन (12189 / 12190) ट्रेनें रद्द की गई हैं।
बांद्रा टर्मिनस – हजरत निजामुद्दीन (12247 / 12248) एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित रहेंगी।
आगरा कैंट – नई दिल्ली (14211) ट्रेन को भी रद्द कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे स्टेशन के लिए निकलने से पहले NTES या रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस जरूर जांच लें।
सुरक्षा के मद्देनजर जिन मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद किए गए हैं, उनमें जामा मस्जिद, जनपथ, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, जंगपुरा और लाजपत नगर शामिल हैं। इन स्टेशनों पर शाम 6 बजे तक आवाजाही प्रतिबंधित रहने की जानकारी दी गई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनें पूरी तरह बंद हैं, लेकिन यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों और स्टेशनों का उपयोग करना होगा।🛑 किन मेट्रो स्टेशनों पर लागू है प्रतिबंध?
🗳️ क्या है प्रदर्शन की मुख्य वजह?
यह पूरा विरोध-प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित किया जा रहा है, जहां CJP और अन्य सहयोगी संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुंकार भरी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं (आयोजकों द्वारा करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने का दावा किया गया है)। हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है, फिर भी आयोजकों के अड़े रहने के कारण मध्य दिल्ली में भारी ट्रैफिक जाम और सुरक्षा के कड़े पहरे की स्थिति बनी हुई है।
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