देश से विदेशों में बेहतर भविष्य की तलाश में जाने वाले युवाओं से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. गाँव धमनहेड़ी के रहने वाले करीब 20 वर्षीय कंवलजीत की इंग्लैंड में अचानक मौत हो गई है. मृतक के चाचा लखविंदर ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि परिवार ने बहुत सारी उम्मीदों और तमाम आर्थिक मुश्किलों का सामना करते हुए करीब दो महीने पहले ही कर्ज लेकर कंवलजीत को इंग्लैंड भेजा था. परिवार को पूरा भरोसा और विश्वास था कि वह विदेश में कड़ी मेहनत करके अपने घर की कमजोर आर्थिक स्थिति को सुधारने में पूरी मदद करेगा, लेकिन किसी को भी यह जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि उसकी यह विदेश यात्रा उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगी. चाचा लखविंदर ने नम आँखों से मीडिया को बताया कि इस अचानक हुए दिल दहला देने वाले हादसे ने इस साधारण परिवार के सारे सपनों को पल भर में चकनाचूर कर दिया है. घर के अंदर एक तरफ आगामी फरवरी माह में होने वाली बहन की शादी की बेहद खुशी के साथ तैयारियां चल रही थीं, तो वहीं दूसरी तरफ भाई की इस आकस्मिक और दर्दनाक मौत ने घर की सारी खुशियों को गहरे मातम में बदल दिया है. युवा कंवलजीत अपने पीछे एक भाई और एक रोती-बिलखती बहन को अकेला छोड़ गया है, और इस भयंकर सदमे के बाद से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है. इस विकट परिस्थिति में पीड़ित परिवार ने देश की केंद्र और राज्य सरकार तथा प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि इस बेहद मुश्किल समय में उनकी हरसंभव मदद की जाए और दिवंगत कंवलजीत के पार्थिव शरीर (शव) को इंग्लैंड से जल्द से जल्द भारत (उसके पैतृक गाँव) लाने की उचित व्यवस्था की जाए. परिवार की बस यही एक आखिरी इच्छा है कि वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार अपने गृह नगर में विधि-विधान के साथ कर सकें, ताकि उसकी आत्मा को शांति मिल सके.🏠 बहन की शादी की खुशियों के बीच छाया मातम, परिवार का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
✈️ परिजनों ने सरकार से लगाई गुहार, जल्द से जल्द भारत लाया जाए कंवलजीत का शव
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देश से विदेशों में बेहतर भविष्य की तलाश में जाने वाले युवाओं से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. गाँव धमनहेड़ी के रहने वाले करीब 20 वर्षीय कंवलजीत की इंग्लैंड में अचानक मौत हो गई है. मृतक के चाचा लखविंदर ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि परिवार ने बहुत सारी उम्मीदों और तमाम आर्थिक मुश्किलों का सामना करते हुए करीब दो महीने पहले ही कर्ज लेकर कंवलजीत को इंग्लैंड भेजा था. परिवार को पूरा भरोसा और विश्वास था कि वह विदेश में कड़ी मेहनत करके अपने घर की कमजोर आर्थिक स्थिति को सुधारने में पूरी मदद करेगा, लेकिन किसी को भी यह जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि उसकी यह विदेश यात्रा उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगी.
🏠 बहन की शादी की खुशियों के बीच छाया मातम, परिवार का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
चाचा लखविंदर ने नम आँखों से मीडिया को बताया कि इस अचानक हुए दिल दहला देने वाले हादसे ने इस साधारण परिवार के सारे सपनों को पल भर में चकनाचूर कर दिया है. घर के अंदर एक तरफ आगामी फरवरी माह में होने वाली बहन की शादी की बेहद खुशी के साथ तैयारियां चल रही थीं, तो वहीं दूसरी तरफ भाई की इस आकस्मिक और दर्दनाक मौत ने घर की सारी खुशियों को गहरे मातम में बदल दिया है. युवा कंवलजीत अपने पीछे एक भाई और एक रोती-बिलखती बहन को अकेला छोड़ गया है, और इस भयंकर सदमे के बाद से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है.
✈️ परिजनों ने सरकार से लगाई गुहार, जल्द से जल्द भारत लाया जाए कंवलजीत का शव
इस विकट परिस्थिति में पीड़ित परिवार ने देश की केंद्र और राज्य सरकार तथा प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि इस बेहद मुश्किल समय में उनकी हरसंभव मदद की जाए और दिवंगत कंवलजीत के पार्थिव शरीर (शव) को इंग्लैंड से जल्द से जल्द भारत (उसके पैतृक गाँव) लाने की उचित व्यवस्था की जाए. परिवार की बस यही एक आखिरी इच्छा है कि वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार अपने गृह नगर में विधि-विधान के साथ कर सकें, ताकि उसकी आत्मा को शांति मिल सके.


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