चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों के विकास और सौंदर्यीकरण को गति देने के लिए ‘दिव्य नगर योजना’ को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य स्थानीय निकायों (नगर निगम, परिषद और पालिकाओं) के माध्यम से शहरों को आधुनिक, हरित और पर्यटक-अनुकूल बनाना है। इस योजना के तहत खेल अवसंरचना, स्मार्ट लाइटिंग और डिजिटल नागरिक सेवाओं जैसी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।
🌳 दिव्य नगर योजना: मुख्य विशेषताएं और कार्य
इस योजना का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि शहरों को एक नई पहचान देना है। इसमें निम्नलिखित कार्य किए जा सकेंगे:
पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण।
खेल अवसंरचना (Sports Infrastructure) और बड़े पार्कों का निर्माण।
इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर और स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग।
ऑडिटोरियम, ओपन एयर थिएटर और डिजिटल सेवाएं।
सरकार ने विभिन्न निकायों के लिए परियोजनाओं की न्यूनतम लागत और वित्तीय भागीदारी (Funding Ratio) निर्धारित की है:💰 वित्तीय प्रावधान और प्रोजेक्ट लागत
परियोजनाओं को पारदर्शिता और गति के साथ पूरा करने के लिए सरकार ने सख्त नियम बनाए हैं। अनुदान राशि दो चरणों में जारी होगी, और दूसरी किस्त प्राप्त करने के लिए पहली किस्त व स्थानीय हिस्सेदारी का कम से कम 75 प्रतिशत उपयोग का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। नगर निगम आयुक्त और जिला नगर आयुक्त स्तर पर इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी, जिससे समयबद्ध विकास सुनिश्चित हो सके।
निकाय का प्रकार
न्यूनतम परियोजना लागत
राज्य सरकार : निकाय हिस्सेदारी
नगर निगम
5 करोड़ रुपये
50 : 50
नगर परिषद
2 करोड़ रुपये
65 : 35
नगर पालिका
1 करोड़ रुपये
75 : 25
📋 निगरानी और कार्यान्वयन की प्रक्रिया
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