अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाने से जुड़े दस्तावेज पर फिलहाल दस्तखत नहीं करने की वजह साफ कर दी है. उन्होंने कहा कि वह रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म कराने के लिए बातचीत कर रहे हैं, ऐसे में वह कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहते जिससे रूस बातचीत की टेबल छोड़कर चला जाए. ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस, ईरान की उतनी मदद नहीं कर रहा जितनी वह कर सकता है, और वह चाहते हैं कि मौजूदा स्थिति बनी रहे. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह बात साझा करते हुए दावा किया कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते को लेकर अच्छी प्रगति हो रही है और बंधकों को लेकर भी बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने अभी प्रतिबंधों से जुड़े दस्तावेजों पर दस्तखत किए, तो शांति वार्ताओं पर बुरा असर पड़ सकता है.
🛢️ यूक्रेन के हमलों से डीजल बाजार पर असर का दावा, जेलेंस्की पर युद्ध न खत्म करने का आरोप
ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे रूस की डीजल रिफाइनरियों को लगातार निशाना बना रहे हैं, जिससे दुनिया भर में डीजल की सप्लाई और बाजार पर बुरा असर पड़ रहा है और अमेरिका भी इससे प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि इससे किसान, मवेशीपालक और अन्य बिजनेस करने वाले लोग काफी परेशान हैं, हालांकि इसके बावजूद रूस दुनिया को कम कीमत पर लाखों बैरल डीजल बेच रहा है. ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि जेलेंस्की युद्ध खत्म नहीं करना चाहते और शायद पहले भी उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी. उनके मुताबिक, जेलेंस्की को दो साल पहले आज के मुकाबले कहीं बेहतर शांति समझौता मिल सकता था, लेकिन यूरोपीय देश और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन लगातार उन्हें भारी आर्थिक मदद दे रहे हैं.
📉 यूक्रेन की बर्बादी और शांति बहाली को लेकर ट्रंप का रुख
ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध की वजह से यूक्रेन का एक बड़ा हिस्सा बर्बाद हो चुका है, उसकी काफी जमीन उसके हाथ से निकल चुकी है और समुद्र तक उसकी पहुंच भी खत्म हो गई है. इसके अलावा देश की पुरुष आबादी में भी भारी कमी आई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं या मारे गए हैं. अंत में ट्रंप ने साफ किया कि वह किसी भी तरह रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करना चाहते हैं और फिलहाल उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रूस के साथ बातचीत को जारी रखना है, ताकि शांति समझौते की कोशिशों को कोई नुकसान न पहुंचे.
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