बिजली निगम के निजीकरण के विरोध का बड़ा असर अब गुड़गांव में साफ दिखने लगा है. बिजली निगम कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल ने शहर के कई रिहायशी इलाकों को पूरी तरह से अंधेरे में डूबा दिया है. बुधवार देर रात से ही सेक्टर 5 सहित पालम विहार और सेक्टर 7 के कुछ हिस्सों में बिजली गुल हो गई है. जब स्थानीय लोगों ने इस समस्या की शिकायत करने के लिए बिजली निगम से संपर्क किया, तो उन्हें कोई समाधान नहीं मिला और अधिकारियों के फोन तक बंद पाए गए. निगम के स्थानीय शिकायत केंद्रों पर साफ तौर पर यह कहा जा रहा है कि हड़ताल खत्म होने के बाद ही लाइन के फाल्ट को दूर किया जाएगा, जिससे आम जनता की परेशानी बेहद बढ़ गई है.
🚰 पेयजल व्यवस्था भी हुई ठप: रात 10 बजे से कटी बिजली, जीएमडीए का वाटर शटडाउन टला फिर भी लोग परेशान
सेक्टर 5 आरडब्ल्यूए (RWA) के प्रधान दिनेश वशिष्ठ के अनुसार, पालम विहार से आने वाली मुख्य लाइन में फाल्ट आ गया है, जिसकी वजह से उनके पूरे इलाके की बिजली गुल है. लाइनमैन और जूनियर इंजीनियर (JE) के फोन बंद होने के कारण लोग अपने स्तर पर भी मदद नहीं मांग पा रहे हैं. इसके अलावा सेक्टर 7 के आरडब्ल्यूए प्रधान हरीश सरदाना ने बताया कि रात 10 बजे से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमरा गई है. हालांकि जीएमडीए (GMDA) द्वारा 23 अक्टूबर को प्रस्तावित वाटर शटडाउन को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है, इसके बावजूद बिजली कटौती के कारण पानी की सप्लाई न होने से लोग सुबह से खासी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं.
📞 अधिकारियों के फोन बंद और फाल्ट का पता नहीं लगने से बढ़ी मुश्किलें, हड़ताल खत्म होने का इंतजार
देर रात को जब बिजली निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करके क्षेत्र की चरमराई बिजली व्यवस्था को तुरंत बहाल करने की मांग की गई, तो अधिकारियों ने कुछ ठेकेदारों को लाइन की मरम्मत के लिए मौके पर भेजा जरूर था. लेकिन, रात का समय होने और फाल्ट की सही जगह का पता न चल पाने के कारण बिजली व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जा सका. बिजली न होने और पानी की भारी किल्लत के चलते गुड़गांव के इन प्रभावित इलाकों में लोगों का जीना मुहाल हो गया है और अब हर कोई इस तीन दिवसीय हड़ताल के समाप्त होने का इंतजार कर रहा है.
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