रेवाड़ी नगर परिषद में चुनाव के बाद व्यवस्था बदलने के दावों के बीच अब शहर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. शहर के सेक्टर-4 में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनाई जा रही सीसी (CC) रोड से निर्माण के कुछ ही दिनों के भीतर रोड़ियां निकलने की शिकायत सामने आई है. निर्माण के लगभग एक महीने के भीतर ही सड़क की ऐसी बदहाल स्थिति होने के आरोपों पर स्थानीय भाजपा विधायक लक्ष्मण यादव ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया है.
🔍 विधायक ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, बोले— ‘या तो अधिकारियों को मज़ा आ रहा है या किसी का आशीर्वाद है’
सेक्टर-4 में सीसी रोड से रोड़ियां निकलने के इस पूरे मामले को विधायक लक्ष्मण यादव ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. उन्होंने कहा कि सड़क की गुणवत्ता को लेकर उनके पास पहले ही शिकायतें पहुँच चुकी थीं और सड़क की इस कमजोरी को छिपाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है. विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शिकायत मिलने के बाद उन्होंने डीएमसी (DMC) को मामले की तुरंत जाँच करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “ऐसा लगता है कि या तो अधिकारियों को इसमें मज़ा आ रहा है या फिर अधिकारी कार्रवाई करना ही नहीं चाहते अथवा किसी के विशेष आशीर्वाद के चलते वे जाँच से बच रहे हैं.”
🛣️ पहले भी मोती चौक से विश्वकर्मा चौक तक की सड़क पर उठे थे सवाल, भ्रष्टाचार का मुद्दा रहा है गर्म
गौरतलब है कि रेवाड़ी शहर में सीसी सड़क निर्माण को लेकर विवादों का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले मोती चौक से विश्वकर्मा चौक तक बनाई जा रही सीसी सड़क के निर्माण में भी भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं, जिस पर स्थानीय व्यापारियों ने भी कड़ा विरोध जताया था. चुनाव से पहले भी शहर में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कों के उखड़ने का मुद्दा काफी चर्चा में रहा था, जिस पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी सार्वजनिक मंच से नाराजगी जताई थी. अब एक बार फिर विधायक के निवास के नजदीक बन रही इस सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने से नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है, और शहरवासियों की निगाहें अब पूरी तरह से आधिकारिक जाँच और ठोस कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
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