ग्वालियर: मध्य प्रदेश में इस समय सूर्य देव का भीषण तांडव लगातार जारी है, जिससे पूरा राज्य भट्टी की तरह तप रहा है। विशेषकर ग्वालियर-चंबल अंचल का अधिकतम तापमान भी 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है। ऐसे भीषण हालातों में एक तरफ जहां आम जनता सूरज की सीधी और तीखी तपन से बुरी तरह हलाकान है, वहीं दूसरी तरफ ग्वालियर शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल रेड लाइट पर रुकने वाले मुसाफिरों को बुरी तरह झुलसा रहे हैं। खरी धूप में सिग्नलों पर रुकना दुपहिया वाहन चालकों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम साबित नहीं हो रहा है। मध्य प्रदेश मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश में चल रही अत्यंत गर्म हवाओं और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए ग्वालियर-चंबल अंचल में आगामी 25 मई तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है। यहाँ का पारा लगातार 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। इन जानलेवा हालातों को समय रहते भांपते हुए जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने एहतियातन दोपहर के समय, यानी दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक ज्यादातर व्यस्त चौराहों के ट्रैफिक सिग्नलों को ऑटोमैटिक ब्लिंकर (पीली बत्ती) पर सेट कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि राहगीरों को इस भीषण दोपहर में चौराहों पर सीधा न खड़ा होना पड़े, लेकिन जमीनी स्तर पर मुख्य और वीआईपी चौराहों पर हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं। ग्वालियर शहर के सबसे व्यस्ततम और मुख्य चौराहों पर तपती दुपहरिया में ट्रैफिक सिग्नलों पर रुकने वाले दुपहिया वाहन चालकों की परेशानी दोगुनी हो गई है। शहर के गोले का मंदिर चौराहा, सिटी सेंटर, राजमाता चौराहा और आकाशवाणी चौराहा जैसे प्रमुख जंक्शनों पर लगे ट्रैफिक सिग्नलों पर आज भी 60 सेकंड से लेकर पूरे डेढ़ मिनट (90 सेकंड) तक के लिए लाल बत्ती (Red Light) लगाई जा रही है। इतनी लंबी अवधि तक बिना किसी छांव के सीधी धूप में खड़े रहने के कारण राहगीर और उनके साथ बैठे मासूम बच्चे भीषण लू जैसी जानलेवा तपिश झेलने को पूरी तरह मजबूर हैं। इस भीषण झुलसाने वाली गर्मी से बचने के लिए स्थानीय लोगों को रास्ते में जो भी देसी तरीका सूझ रहा है, वे उसे अपना रहे हैं। ग्वालियर के व्यस्त आकाशवाणी चौराहे पर लगे ट्रैफिक सिग्नल पर जब जमीनी स्तर पर गर्मी का जायजा लिया गया, तो बेहद हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। लोग अपनी गाड़ियों को ट्रैफिक सिग्नल की स्टॉप लाइन पर रोकने के बजाय उससे करीब 20 मीटर पीछे ही रोक रहे थे। इसकी मुख्य वजह थी ट्रैफिक सिग्नल से ठीक पहले बना एक बड़ा फुट ओवर ब्रिज (Foot Over Bridge), जिसकी वजह से सड़क के एक बड़े हिस्से पर ठंडी छांव हो रही थी। दुपहिया वाहन चालक और ऑटो रिक्शा चालक अपनी जान बचाने के लिए इसी छांव भरे हिस्से में कतार लगाकर खड़े हो रहे थे। वहीं, जिन सिग्नल्स पर ओवर ब्रिज नहीं हैं, वहां लोग आसपास लगे सड़क किनारे के पेड़ों की छांव में गाड़ियां खड़ी कर हरी बत्ती होने का इंतजार करते दिखे। सड़क पर सफर कर रहे लोगों से जब बातचीत की गई, तो उनका दर्द सरेआम छलक पड़ा। लोगों का कहना था कि इस समय ग्वालियर में चमड़ी झुलसा देने वाली लू चल रही है, जिससे बचने के लिए लोग चेहरों पर मोटा सूती कपड़ा और हेलमेट बांध कर चल रहे हैं। एक राहगीर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि, “गर्मी का प्रकोप बहुत ज्यादा है, इसलिए लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही दोपहर में घरों से बाहर निकलें।” वहीं, एक अन्य परेशान वाहन चालक ने ग्वालियर नगर निगम और जिला प्रशासन को सुझाव देते हुए मांग की है कि, “जिस तरह की ऐतिहासिक गर्मी इस साल पड़ रही है, उसे देखते हुए व्यस्त चौराहों पर धूप से बचाव के लिए कम से कम अस्थाई ‘ग्रीन नेट’ (Green Net) या खस की ठंडी चादरें तुरंत बंधवानी चाहिए, जिससे सीधी धूप से कुछ हद तक तो आम वाहन चालकों का बचाव हो सके।” ग्वालियर और उसके आसपास के मैदानी क्षेत्रों में रात के समय भी गर्मी का सितम लगातार बरकरार है। मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीती बुधवार की रात इस पूरे समर सीजन की अब तक की सबसे गर्म रात (Warmest Night) दर्ज की गई है। इस दौरान रात का न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जो कि इस मौसम के सामान्य औसत तापमान से पूरे 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि रात का तापमान बढ़ने और दिन में कड़क धूप के कारण ग्वालियर के आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आगामी दिनों में ‘सीवियर हीट वेव’ (अत्यधिक गंभीर लू) के हालात बन सकते हैं, इसलिए स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें।🟠 ग्वालियर समेत कई जिलों में 25 मई तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी: दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक सिग्नलों को ब्लिंकर पर करने के निर्देश
⏳ सिग्नलों पर एक से डेढ़ मिनट का ‘रेड लाइट टॉर्चर’: गोले का मंदिर और सिटी सेंटर जैसे व्यस्ततम चौराहों पर मची चीख-पुकार
🌳 धूप से बचने के लिए कहीं फुट ओवर ब्रिज तो कहीं पेड़ की छाया का सहारा: सिग्नल से 20 मीटर पहले ही रुक रहे हैं वाहन चालक
🟩 “चौराहों पर तुरंत लगवाए जाएं खस की चादरें और ग्रीन नेट”: झुलसते राहगीरों ने ग्वालियर प्रशासन से लगाई गुहार
🌙 ग्वालियर में दर्ज की गई इस सीजन की सबसे गर्म रात: 29 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान, हीट वेव का खतरा बढ़ा
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ग्वालियर: मध्य प्रदेश में इस समय सूर्य देव का भीषण तांडव लगातार जारी है, जिससे पूरा राज्य भट्टी की तरह तप रहा है। विशेषकर ग्वालियर-चंबल अंचल का अधिकतम तापमान भी 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है। ऐसे भीषण हालातों में एक तरफ जहां आम जनता सूरज की सीधी और तीखी तपन से बुरी तरह हलाकान है, वहीं दूसरी तरफ ग्वालियर शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल रेड लाइट पर रुकने वाले मुसाफिरों को बुरी तरह झुलसा रहे हैं। खरी धूप में सिग्नलों पर रुकना दुपहिया वाहन चालकों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम साबित नहीं हो रहा है।
🟠 ग्वालियर समेत कई जिलों में 25 मई तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी: दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक सिग्नलों को ब्लिंकर पर करने के निर्देश
मध्य प्रदेश मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश में चल रही अत्यंत गर्म हवाओं और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए ग्वालियर-चंबल अंचल में आगामी 25 मई तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है। यहाँ का पारा लगातार 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। इन जानलेवा हालातों को समय रहते भांपते हुए जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने एहतियातन दोपहर के समय, यानी दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक ज्यादातर व्यस्त चौराहों के ट्रैफिक सिग्नलों को ऑटोमैटिक ब्लिंकर (पीली बत्ती) पर सेट कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि राहगीरों को इस भीषण दोपहर में चौराहों पर सीधा न खड़ा होना पड़े, लेकिन जमीनी स्तर पर मुख्य और वीआईपी चौराहों पर हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं।
⏳ सिग्नलों पर एक से डेढ़ मिनट का ‘रेड लाइट टॉर्चर’: गोले का मंदिर और सिटी सेंटर जैसे व्यस्ततम चौराहों पर मची चीख-पुकार
ग्वालियर शहर के सबसे व्यस्ततम और मुख्य चौराहों पर तपती दुपहरिया में ट्रैफिक सिग्नलों पर रुकने वाले दुपहिया वाहन चालकों की परेशानी दोगुनी हो गई है। शहर के गोले का मंदिर चौराहा, सिटी सेंटर, राजमाता चौराहा और आकाशवाणी चौराहा जैसे प्रमुख जंक्शनों पर लगे ट्रैफिक सिग्नलों पर आज भी 60 सेकंड से लेकर पूरे डेढ़ मिनट (90 सेकंड) तक के लिए लाल बत्ती (Red Light) लगाई जा रही है। इतनी लंबी अवधि तक बिना किसी छांव के सीधी धूप में खड़े रहने के कारण राहगीर और उनके साथ बैठे मासूम बच्चे भीषण लू जैसी जानलेवा तपिश झेलने को पूरी तरह मजबूर हैं।
🌳 धूप से बचने के लिए कहीं फुट ओवर ब्रिज तो कहीं पेड़ की छाया का सहारा: सिग्नल से 20 मीटर पहले ही रुक रहे हैं वाहन चालक
इस भीषण झुलसाने वाली गर्मी से बचने के लिए स्थानीय लोगों को रास्ते में जो भी देसी तरीका सूझ रहा है, वे उसे अपना रहे हैं। ग्वालियर के व्यस्त आकाशवाणी चौराहे पर लगे ट्रैफिक सिग्नल पर जब जमीनी स्तर पर गर्मी का जायजा लिया गया, तो बेहद हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। लोग अपनी गाड़ियों को ट्रैफिक सिग्नल की स्टॉप लाइन पर रोकने के बजाय उससे करीब 20 मीटर पीछे ही रोक रहे थे। इसकी मुख्य वजह थी ट्रैफिक सिग्नल से ठीक पहले बना एक बड़ा फुट ओवर ब्रिज (Foot Over Bridge), जिसकी वजह से सड़क के एक बड़े हिस्से पर ठंडी छांव हो रही थी। दुपहिया वाहन चालक और ऑटो रिक्शा चालक अपनी जान बचाने के लिए इसी छांव भरे हिस्से में कतार लगाकर खड़े हो रहे थे। वहीं, जिन सिग्नल्स पर ओवर ब्रिज नहीं हैं, वहां लोग आसपास लगे सड़क किनारे के पेड़ों की छांव में गाड़ियां खड़ी कर हरी बत्ती होने का इंतजार करते दिखे।
🟩 “चौराहों पर तुरंत लगवाए जाएं खस की चादरें और ग्रीन नेट”: झुलसते राहगीरों ने ग्वालियर प्रशासन से लगाई गुहार
सड़क पर सफर कर रहे लोगों से जब बातचीत की गई, तो उनका दर्द सरेआम छलक पड़ा। लोगों का कहना था कि इस समय ग्वालियर में चमड़ी झुलसा देने वाली लू चल रही है, जिससे बचने के लिए लोग चेहरों पर मोटा सूती कपड़ा और हेलमेट बांध कर चल रहे हैं। एक राहगीर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि, “गर्मी का प्रकोप बहुत ज्यादा है, इसलिए लोग बहुत जरूरी काम होने पर ही दोपहर में घरों से बाहर निकलें।” वहीं, एक अन्य परेशान वाहन चालक ने ग्वालियर नगर निगम और जिला प्रशासन को सुझाव देते हुए मांग की है कि, “जिस तरह की ऐतिहासिक गर्मी इस साल पड़ रही है, उसे देखते हुए व्यस्त चौराहों पर धूप से बचाव के लिए कम से कम अस्थाई ‘ग्रीन नेट’ (Green Net) या खस की ठंडी चादरें तुरंत बंधवानी चाहिए, जिससे सीधी धूप से कुछ हद तक तो आम वाहन चालकों का बचाव हो सके।”
🌙 ग्वालियर में दर्ज की गई इस सीजन की सबसे गर्म रात: 29 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान, हीट वेव का खतरा बढ़ा
ग्वालियर और उसके आसपास के मैदानी क्षेत्रों में रात के समय भी गर्मी का सितम लगातार बरकरार है। मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीती बुधवार की रात इस पूरे समर सीजन की अब तक की सबसे गर्म रात (Warmest Night) दर्ज की गई है। इस दौरान रात का न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जो कि इस मौसम के सामान्य औसत तापमान से पूरे 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि रात का तापमान बढ़ने और दिन में कड़क धूप के कारण ग्वालियर के आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आगामी दिनों में ‘सीवियर हीट वेव’ (अत्यधिक गंभीर लू) के हालात बन सकते हैं, इसलिए स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें।


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