ग्वालियर (मध्य प्रदेश): देश भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। ग्वालियर शहर में भी नंदोत्सव के अवसर पर प्रमुख कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है।
लगातार हो रही बारिश के बावजूद भक्त अपने आराध्य के दर्शन के लिए आतुर नजर आ रहे हैं। ग्वालियर के ऐतिहासिक गोपाल जी मंदिर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भक्तों को विशेष दर्शन का सुअवसर मिल रहा है। इस मंदिर की सबसे अनूठी विशेषता भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का वह दिव्य श्रृंगार है, जिसमें उपयोग होने वाले ऐतिहासिक और बेशकीमती आभूषणों का मूल्य 1 अरब रुपये (100 करोड़ रुपये से अधिक) आंका जाता है।
🛡️ बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर से भारी सुरक्षा में लाए गए जवाहरात: प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में खुला बक्सा
सुरक्षा व्यवस्था और आभूषणों की निकासी:
सख्त पुलिस सुरक्षा: शुक्रवार सुबह लगभग 10:30 बजे सशस्त्र पुलिस बल की कड़ी निगरानी में बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य लॉकर से भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्राचीन जवाहरात मंदिर परिसर लाए गए।
अधिकारियों की उपस्थिति: नगर निगम कमिश्नर, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, बैंक प्रबंधकों, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और नगर निगम सभापति की मौजूदगी में आभूषणों से भरा सीलबंद बक्सा खोला गया।
रत्नजड़ित आभूषण: इस ऐतिहासिक खजाने में सोने-चांदी, दुर्लभ हीरे, माणिक, पन्ना और नीलम से जड़े मुकुट, कुंडल, स्वर्ण हार, रत्नजड़ित बांसुरी, सोने की चेन तथा पूजा में प्रयुक्त होने वाले ठोस चांदी के थाल व प्राचीन बर्तन शामिल हैं।
श्रृंगार दर्शन और भक्तों का उत्साह:✨ नयनाभिराम स्वरूप देख निहाल हुए श्रद्धालु: जन्मोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब
अलौकिक श्रृंगार: बैंक से लाए गए इन प्राचीन आभूषणों और वस्त्रों से भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का राजसी श्रृंगार पूर्ण किया गया।
आरती और दर्शन: महाश्रृंगार के पश्चात मुख्य पुजारियों द्वारा विशेष आरती संपन्न की गई, जिसके तुरंत बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन के पट खोल दिए गए।
भक्तों का हर्ष: अपने आराध्य का ऐसा भव्य, दिव्य और स्वर्ण-रत्नजड़ित रूप देखकर मंदिर पहुंचे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा परिसर ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंज उठा।
प्रशासनिक निगरानी और विधिक प्रक्रिया:🔒 देर रात दर्शन समापन के बाद पुनः बैंक लॉकर में जमा होंगे आभूषण: निगमायुक्त ने दी जानकारी
पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी: नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी की प्रत्यक्ष निगरानी में सभी आभूषणों का आधिकारिक सूची से मिलान कर श्रृंगार प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
निगमायुक्त का आधिकारिक बयान: निगमायुक्त अभिषेक चौधरी ने बताया कि सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंच रहे थे। बैंक से कड़ी सुरक्षा के बीच लाए गए आभूषणों का भौतिक मिलान करने के बाद विग्रहों को धारण कराया गया और भक्तों के लिए मंदिर खोल दिया गया।
पुनः लॉकर में सुरक्षित वापसी: उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विशेष दर्शन देर रात तक अनवरत चलेंगे। दर्शन अवधि समाप्त होने के उपरांत सभी बहुमूल्य आभूषणों का दोबारा आधिकारिक मिलान किया जाएगा, उन्हें सीलबंद पेटियों में पैक किया जाएगा और कड़ी सुरक्षा के बीच बैंक लॉकर में सुरक्षित जमा कराया जाएगा।
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