मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया का अगला चरण इसी साल दिसंबर के महीने में आयोजित किया जाएगा। इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन का मुख्य जोर सीटें बढ़ाने के साथ-साथ शोधार्थियों के लिए पर्याप्त संख्या में पीएचडी गाइड उपलब्ध कराने पर रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों से रिक्त सीटों की विस्तृत जानकारी मांग ली गई है, और संभावना जताई जा रही है कि 15 अक्टूबर तक विषयवार सीटों की आधिकारिक सूची जारी कर दी जाएगी।
📝 नॉन डीईटी और डीईटी के माध्यम से होंगे एडमिशन: गूगल फॉर्म के जरिए होगा गाइडों का पंजीयन
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस बार 28 विषयों में नॉन डीईटी (Non-DET) के माध्यम से प्रवेश दिए जाएंगे, जिसके लिए नेट (NET) परीक्षा का स्कोर कार्ड मान्य होगा। वहीं, 13 इंजीनियरिंग विषयों के लिए डॉक्टरल एंट्रेंस टेस्ट (DET) आयोजित किया जाएगा। नवंबर के महीने में अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी अधिकृत गाइडों का पंजीयन कराया जाएगा, जिसके लिए उनसे एक गूगल फॉर्म भरवाया जाएगा ताकि खाली सीटों की वास्तविक संख्या का सटीक आकलन किया जा सके।
⚠️ ‘गाइड नहीं तो प्रवेश भी नहीं’ का नया नियम: राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में था सीटों का भारी अंतर
पिछले जून में आयोजित पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कई विषयों में गाइडों की संख्या कम और शोधार्थियों की संख्या काफी अधिक होने की समस्या सामने आई थी। इसे देखते हुए डीएवीवी ने इस बार एक बेहद सख्त और महत्वपूर्ण नियम बनाया है कि जिस विषय में एक भी पीएचडी गाइड उपलब्ध नहीं होगा, उसे दिसंबर की प्रवेश प्रक्रिया में शामिल ही नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछली बार राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी और भूगोल जैसे विषयों में नेट स्कोर वाले 150 पात्र शोधार्थियों के लिए केवल 14 सीटें ही उपलब्ध थीं। पीएचडी प्रभारी डॉ. अशेष तिवारी ने बताया कि प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 20 अक्टूबर के बाद पंजीयन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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