शहडोल: सोशल मीडिया की चकाचौंध के पीछे छिपा असली चेहरा कितना खतरनाक हो सकता है, इसका एक बड़ा उदाहरण मध्य प्रदेश के शहडोल में सामने आया है। इंस्टाग्राम पर महंगी गाड़ियों और आलीशान बंगलों की तस्वीरें डालकर खुद को ‘रईस’ बताने वाला एक युवक असल में दूसरों के घरों में पुताई करने वाला मजदूर निकला। इस युवक ने एक कॉलेज छात्रा को अपने जाल में फंसाकर उसका अपहरण किया, लेकिन पुलिस की सतर्कता से सच्चाई सामने आ गई।
📱 कैसे बिछाया झांसा?
शहडोल के जैतपुर थाना क्षेत्र की एक 18 वर्षीय छात्रा की दोस्ती इंस्टाग्राम पर ‘करण राजपूत’ नाम के युवक से हुई। युवक ने अपनी प्रोफाइल को इस तरह सजा रखा था कि वह किसी बड़े घराने का चिराग लगे। धीरे-धीरे बातों का सिलसिला प्यार में बदल गया और युवक ने फिल्म अंदाज में छात्रा को घर से भागने के लिए तैयार कर लिया। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
🕵️ साइबर सेल ने खोली पोल
पुलिस की साइबर सेल ने जब छात्रा के मोबाइल की CDR और लोकेशन खंगाली, तो पता चला कि वह ग्वालियर के एक युवक के संपर्क में है। शहडोल पुलिस की टीम ने सटीक इनपुट के आधार पर मुरैना के एक सुदूर गांव में दबिश दी। पुलिस ने छात्रा को तो बरामद कर लिया, लेकिन शातिर आरोपी करण धनक मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
🛠️ ‘पुताई’ के दौरान करता था शूटिंग
जांच में जो खुलासा हुआ, वह सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले हर व्यक्ति के लिए एक बड़ी सीख है। आरोपी करण धनक जब भी बड़े-बड़े मकानों में पुताई या पुट्टी का काम करने जाता था, तो वहीं की महंगी गाड़ियों और आलीशान बैकग्राउंड के साथ रील बना लेता था। इसी आधार पर वह खुद को सोशल मीडिया पर रईस दिखाता था। यह मामला साफ़ करता है कि डिजिटल दुनिया में दिखने वाली हर तस्वीर सच नहीं होती।
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